टीनपी डेस्क (TNP DESK): बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद अब कमजोर हो रहा है. हालांकि, इसके प्रभाव से झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तूफान का लैंडफॉल 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच हुआ. इस दौरान हवा की अधिकतम रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तटीय क्षेत्र में लैंडफॉल के बाद तूफान धीरे-धीरे कमजोर होगा, लेकिन इसके प्रभाव से पूर्वी भारत के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है. झारखंड में 29 अक्टूबर तक मौसम का खास असर रहने की संभावना है, जबकि पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 31 अक्टूबर तक भारी बारिश का अनुमान है.
झारखंड में 29 अक्टूबर तक भारी बारिश की आशंका
चक्रवात अर्नब के प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम में बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है. वहीं, गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम के लिए 30 अक्टूबर की सुबह तक ऑरेंज अलर्ट की रिपोर्ट है.
रांची सहित कई इलाकों में बुधवार और गुरुवार को बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. तेज हवा, गरज-चमक और जलभराव के कारण आम जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है. मौसम खराब रहने के मद्देनजर रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया गया है.
बिहार में कैसा रहेगा मौसम
बिहार में चक्रवात का सीधा लैंडफॉल नहीं हुआ है, लेकिन इसके प्रभाव से मौसम में बदलाव की संभावना बनी हुई है. कुछ इलाकों में बादल छाने, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है. हालांकि, पूरे बिहार में भारी बारिश होने का दावा करना अभी उचित नहीं होगा. अलग-अलग जिलों में मौसम का प्रभाव अलग हो सकता है. पटना सहित राज्य के प्रमुख शहरों में लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनी पर नजर रखने की सलाह दी जाती है. खासकर किसानों को खुले में रखी फसल और अनाज को सुरक्षित रखने की जरूरत है. जिलेवार बारिश के अनुमान के लिए IMD का नवीनतम बुलेटिन देखना जरूरी है.
पश्चिम बंगाल में 31 अक्टूबर तक बारिश का अनुमान
पश्चिम बंगाल में चक्रवात अर्नब का प्रभाव कई इलाकों में देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण बंगाल के तटीय और पश्चिमी जिलों में शुक्रवार, 30 अक्टूबर की सुबह तक भारी बारिश हो सकती है. उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी में 29 और 30 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है. कोलकाता और आसपास के इलाकों में भी बादल छाए रहने और बारिश होने का अनुमान है. समुद्र में तेज हवाओं और खराब परिस्थितियों को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है.
कब तक रहेगा चक्रवात का असर
मौसम विभाग के अनुसार, अर्नब अगले चरण में कमजोर होकर पहले साइक्लोनिक स्टॉर्म और फिर डीप डिप्रेशन में बदल सकता है. हालांकि, तूफान कमजोर होने के बाद भी इससे जुड़ी नमी और बादलों के कारण कई क्षेत्रों में बारिश जारी रह सकती है. झारखंड में 29 और 30 अक्टूबर तक, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 31 अक्टूबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है. बिहार में प्रभाव की अवधि और तीव्रता जिलेवार पूर्वानुमान के आधार पर स्पष्ट होगी.
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम खराब होने पर खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें. भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों और उफनते नालों को पार करने से बचें. किसान अपनी कटी हुई फसल और अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखें. यात्रा करने से पहले सड़क और रेल सेवाओं की स्थिति की जानकारी जरूर लें. फिलहाल राहत की बात यह है कि चक्रवात अर्नब का तटीय लैंडफॉल पूरा हो चुका है और इसके कमजोर होने का अनुमान है. लेकिन झारखंड और पश्चिम बंगाल में बारिश का खतरा अभी टला नहीं है. लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना चाहिए.
