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Jharkhand

झारखंड तक पहुंचेगा हाई-स्पीड इंटरनेट, 26 हजार से ज्यादा गांवों को जोड़ने की तैयारी, BharatNet पर बड़ा समझौता

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

रांची (RANCHI): झारखंड के गांवों में इंटरनेट की धीमी रफ्तार और कमजोर नेटवर्क की परेशानी आने वाले दिनों में काफी हद तक कम हो सकती है. राज्य के दूर-दराज के इलाकों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड पहुंचाने के लिए संशोधित भारतनेट कार्यक्रम यानी BharatNet Phase-III को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है. इसके तहत झारखंड के 260 प्रखंडों, 4,395 ग्राम पंचायतों और 26,777 गैर-जीपी गांवों तक ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी का विस्तार करने की तैयारी है.

इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए 10 सितंबर को Project Implementation and Support Agreement पर हस्ताक्षर किए गए. यह समझौता भारत सरकार के Digital Bharat Nidhi (DBN), झारखंड सरकार और Jharkhand Digital Infrastructure Corporation Limited (JDICL) के बीच हुआ है.

समझौते के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से DBN के एडमिनिस्ट्रेटर श्यामल मिश्रा मौजूद रहे. वहीं, झारखंड सरकार की तरफ से सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की सचिव पूजा सिंघल और निदेशक माधवी मिश्रा ने समझौते पर हस्ताक्षर किए.

गांव-गांव तक फाइबर पहुंचाने की तैयारी

इस पूरे प्रोजेक्ट का मकसद खासकर उन ग्रामीण इलाकों में बेहतर इंटरनेट पहुंचाना है, जहां अभी तेज और भरोसेमंद इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी है. योजना के तहत राज्य की 4,387 मौजूदा ग्राम पंचायतों के नेटवर्क को Ring Topology में अपग्रेड किया जाएगा. इसके अलावा 8 नई ग्राम पंचायतों को भी इसी नेटवर्क से जोड़ा जाएगा.

अगले पांच साल में राज्य में 4,39,049 FTTH यानी Fiber to the Home कनेक्शन देने का प्रावधान रखा गया है. आसान भाषा में कहें तो फाइबर केबल के जरिए सीधे घरों और संस्थानों तक तेज इंटरनेट पहुंचाने की तैयारी है.

ग्राम पंचायतों के साथ उन गांवों को भी जरूरत के हिसाब से हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ा जाएगा, जो ग्राम पंचायत मुख्यालय नहीं हैं.

स्कूल, अस्पताल और सरकारी दफ्तरों को भी मिलेगा फायदा

भारतनेट का फायदा सिर्फ घरों में इंटरनेट चलाने तक सीमित नहीं रहेगा. ग्रामीण इलाकों के सरकारी संस्थानों को भी बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी देने पर जोर रहेगा. इससे स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी कार्यालयों में ऑनलाइन काम करना आसान हो सकता है.

बेहतर नेटवर्क मिलने से ग्रामीण इलाकों के लोग ई-गवर्नेंस सेवाओं, ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और दूसरी ऑनलाइन सुविधाओं का बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगे. खासकर ऐसे इलाकों में इसका ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी अभी कमजोर है.

नेटवर्क को लगातार चलाने और उसकी निगरानी के लिए झारखंड में State Network Operations Centre यानी SNOC भी बनाया जाएगा. इसके अलावा नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए Middle-Mile Infrastructure को तैयार और अपग्रेड किया जाएगा.

प्रोजेक्ट को लागू करने में BSNL भी अहम भूमिका निभाएगा. BSNL की ओर से JDICL को Project Management Consultancy की मदद दी जाएगी.

केंद्र और झारखंड सरकार मिलकर इस योजना को आगे बढ़ाएंगे. अगर योजना तय तरीके से जमीन पर उतरती है तो आने वाले वर्षों में राज्य के हजारों गांवों में डिजिटल कनेक्टिविटी की तस्वीर बदल सकती है. इसका सीधा फायदा ग्रामीण परिवारों के साथ छात्रों, सरकारी संस्थानों और ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद है.