Jharkhand

800 करोड़ GST घोटाले के आरोपी विक्की भालोटिया को राहत मिलेगी या नहीं? हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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रांची(RANCHI): झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को 800 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के आरोपी जमशेदपुर के कारोबारी विक्की भालोटिया की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) और बचाव पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें कोर्ट के समक्ष रखीं. दोनों पक्षों की विस्तृत बहस सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. इससे पहले रांची स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत विक्की भालोटिया की जमानत याचिका खारिज कर चुकी है. विशेष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया था.

ईडी के अनुसार, विक्की भालोटिया पर शेल कंपनियों के जरिए फर्जी जीएसटी एंट्री कर 800 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जीवाड़ा करने और अवैध तरीके से धन के लेनदेन का आरोप है. जांच एजेंसी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क के माध्यम से बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अवैध धन को वैध दिखाने का प्रयास किया गया. इसी आधार पर ईडी ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ पीएमएलए के तहत केस दर्ज किया और जांच को आगे बढ़ाया.

ईडी इस बहुचर्चित मामले की लगातार जांच कर रही है. अब तक इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इनमें शिवकुमार देवड़ा, जमशेदपुर के जुगसलाई निवासी कारोबारी विक्की भालोटिया, कोलकाता के कारोबारी अमित गुप्ता और मोहित देवड़ा शामिल हैं. फिलहाल सभी आरोपी रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में न्यायिक हिरासत में बंद हैं. अब सभी की नजरें झारखंड हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि विक्की भालोटिया को जमानत मिलेगी या नहीं. वहीं, ईडी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.