रांची (RANCHI): झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को मोरहाबादी स्थित आवास पहुंचकर झारखंड आंदोलन के महानायक और पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने अपने पिता और मार्गदर्शक को याद करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके संघर्ष व विचारों को नमन किया. श्रद्धांजलि के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि गुरुजी केवल उनके पिता ही नहीं, बल्कि उनके जीवन के सबसे बड़े मार्गदर्शक थे. उन्होंने कहा कि आज पूरा झारखंड उन्हें श्रद्धापूर्वक याद कर रहा है और उनके विचार राज्य के विकास की दिशा तय करते रहेंगे.
इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रहे जेपीएससी विवाद और छात्रों के आंदोलन पर भी सरकार का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि सरकार पूरे मामले पर पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ नजर बनाए हुए है. अपनी बात को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "सरकार की आंख भी है, नाक भी है और हाथ भी है." यानी सरकार हर पहलू पर नजर रख रही है और राज्यहित में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित जांच एजेंसियां सक्रिय हैं तथा मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है.
छात्रों की मांगों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनकी चिंताओं और जिज्ञासाओं को गंभीरता से सुन रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि उचित समय पर सभी तथ्यों के आधार पर ठोस और न्यायसंगत निर्णय लिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. जांच पूरी होने के बाद सरकार अपना निर्णय सार्वजनिक करेगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य के छात्र और युवा सरकार की मंशा पर विश्वास बनाए रखेंगे और सरकार उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
