Jharkhand

हेमंत सोरेन ने 1,042 सहायक आचार्यों को दी नई जिम्मेदारी, बोले- बच्चों में भाईचारा और संस्कार जगाइए

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
हेमंत सोरेन ने 1,042 सहायक आचार्यों को दी नई जिम्मेदारी, बोले- बच्चों में भाईचारा और संस्कार जगाइए

रांची (RANCHI): झारखंड सरकार राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रही है. इसी कड़ी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नवनियुक्त सहायक आचार्यों को आज नियुक्ति पत्र साउपने के बाद उन्हें संबोधित किया है. संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहें, बल्कि बच्चों में सामाजिक समरसता, भाईचारे और मानवीय मूल्यों का भी विकास करें. उन्होंने कहा कि शिक्षक ही भविष्य के समाज का निर्माण करते हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि लाखों अभ्यर्थियों के बीच प्रतिJharkhand Government Jobsस्पर्धा के बाद चयनित हुए ये शिक्षक अपनी मेहनत और योग्यता के बल पर इस मुकाम तक पहुंचे हैं. उन्होंने उन अभ्यर्थियों का भी हौसला बढ़ाया, जो इस बार चयनित नहीं हो सके. उन्होंने कहा कि सरकार की नियुक्ति प्रक्रिया लगातार जारी है और आने वाले समय में उन्हें भी अवसर मिलेगा. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है और इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है.

उन्होंने बताया कि सरकार के वर्तमान कार्यकाल में अब तक हजारों युवाओं को विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरी दी जा चुकी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक सुधार किए जा रहे हैं. राज्य में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना की गई है, जहां निजी स्कूलों की तर्ज पर अंग्रेजी माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है. साथ ही विज्ञान सहित अन्य विषयों के शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए भी लगातार नियुक्तियां की जा रही हैं.

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के निर्देश पर सभी नवनियुक्त सहायक आचार्यों को शपथ दिलाई गई. उन्होंने संकल्प लिया कि वे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे तथा राज्य के बच्चों को बेहतर शिक्षा देकर झारखंड के विकास में अपनी भूमिका निभाएंगे. इस अवसर पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह ने कहा कि राज्य के युवाओं में भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच बढ़ी है और वे विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं. उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में लगभग 10 हजार सहायक आचार्यों को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं.

वहीं, वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अलग झारखंड के सपने को साकार करने की दिशा में सरकार तेजी से कार्य कर रही है. उन्होंने बताया कि अब तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 38,903 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंप चुके हैं और आने वाले समय में भी रोजगार देने का सिलसिला जारी रहेगा. उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों से बच्चों को ऐसी शिक्षा देने का आह्वान किया, जिससे वे जाति और धर्म से ऊपर उठकर समाज और देश के विकास में अपनी सार्थक भूमिका निभा सकें.