रांची (RANCHI): झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित होगी. मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के अनुसार बैठक दोपहर 3:00 बजे से प्रोजेक्ट भवन में शुरू होगी. इस बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, पेयजल व्यवस्था और जनकल्याण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी. सरकार की ओर से विभिन्न विभागों के कई एजेंडे कैबिनेट के समक्ष रखे जाएंगे, जिनमें तीन प्रस्तावों को लेकर सबसे अधिक चर्चा है. माना जा रहा है कि जल जीवन मिशन 2.0, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की नियमावलियों में संशोधन तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित छात्रों को विशेष राहत देने संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी मिल सकती है. इन फैसलों का सीधा असर राज्य के लाखों लोगों और विद्यार्थियों पर पड़ने की संभावना है.
आज कैबिनेट बैठक में ‘जल जीवन मिशन 2.0’ को लेकर स्वीकृति मिलने की संभावना है. राज्य सरकार ने दो जून को नई दिल्ली में केंद्र सरकार के साथ इस योजना के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे. यह योजना केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी में संचालित होगी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ पेयजल व्यवस्था को मजबूत करना और समुदाय आधारित जल प्रबंधन को बढ़ावा देना है. इसके जरिए गांवों में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में काम को गति मिलेगी. इसके अलावा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की कई पुरानी नियमावलियों में संशोधन के प्रस्ताव भी कैबिनेट के समक्ष रखे जाएंगे. इन बदलावों का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और छात्र हितैषी बनाना है.
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव गंभीर और असाध्य बीमारियों से जूझ रहे छात्रों को राहत देने से जुड़ा माना जा रहा है. थैलेसीमिया, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित विद्यार्थियों के लिए 75 प्रतिशत अनिवार्य उपस्थिति की शर्त समाप्त करने के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लग सकती है. नियमित इलाज, ब्लड ट्रांसफ्यूजन और अस्पताल में लंबे समय तक रहने के कारण ऐसे छात्र निर्धारित उपस्थिति पूरी नहीं कर पाते, जिससे उनकी पढ़ाई और परीक्षा प्रभावित होती है. यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो ऐसे विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी, उनका शैक्षणिक वर्ष सुरक्षित रहेगा और वे बिना अतिरिक्त मानसिक दबाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे. इसके साथ ही कैबिनेट अन्य विभागों से जुड़े कई प्रशासनिक और विकासात्मक प्रस्तावों पर भी निर्णय ले सकती है.
