रांची(RANCHI): JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले को लेकर लगातार एक के बाद एक मोड़ आ रहा है. इसी को लेकर जेल में बंद आरोपी श्वेता गुप्ता और परीक्षा में सफल होकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले अभय तिवारी की जमानत याचिका पर मंगलवार को रांची स्थित CID की विशेष अदालत में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने जांच एजेंसी CID को मामले से संबंधित केस डायरी पेश करने का निर्देश दिया. अदालत ने फिलहाल दोनों आरोपियों की जमानत याचिका पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है. अब केस डायरी अदालत में प्रस्तुत किए जाने के बाद 25 अगस्त को दोनों की जमानत याचिकाओं पर अगली सुनवाई होगी. इस मामले में अदालत के अगले आदेश पर सभी की नजर बनी हुई है.
श्वेता गुप्ता JPSC में उप परीक्षा नियंत्रक यानी डिप्टी एग्जाम कंट्रोलर के पद पर कार्यरत थीं. परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान CID ने उन्हें पिछले महीने गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं. जांच एजेंसी ने JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर कांड संख्या 16/2026 दर्ज किया है. इस मामले में जांच लगातार आगे बढ़ रही है. बता दें, CID की कार्रवाई के दौरान अब तक 20 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. जांच एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के साथ-साथ इससे जुड़े लोगों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है.
वहीं, अभय तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने JPSC परीक्षा में कथित तौर पर गलत तरीके से सफलता हासिल की और अपने साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों को भी नौकरी दिलाने में अनुचित तरीके अपनाए. इसी आरोप के आधार पर उन्हें भी मामले में आरोपी बनाया गया है. उनकी ओर से अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई है. अब CID द्वारा केस डायरी प्रस्तुत किए जाने के बाद अदालत दोनों आरोपियों की याचिकाओं पर तथ्यों और जांच की स्थिति के आधार पर सुनवाई करेगी. 25 अगस्त की सुनवाई में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि अदालत दोनों आरोपियों को जमानत देती है या उनकी याचिका पर आगे भी सुनवाई जारी रहती है. मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया दोनों जारी हैं.
