HEALTH

रोबोटिक सर्जरी से बदलेगी झारखण्ड की स्वास्थ्य व्यवस्था!ऑर्थोपेडिक्स एसोसिएशन की हुई बैठक 

Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर
रोबोटिक सर्जरी से बदलेगी झारखण्ड की स्वास्थ्य व्यवस्था!ऑर्थोपेडिक्स एसोसिएशन की हुई बैठक 

 

रांची(RANCHI) : अब तकनीक और आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस की जरुरत हर सेक्टर में तेजी से बढ़ रही है.कम समय में बेहतर रिजल्ट देने में कारगर है.ऐसे में हेल्थ सेक्टर भी इससे अछूता नहीं है.राज्य में भी अब डॉक्टर रोबोटिक सर्जरी और आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे है.इसी कड़ी में रांची के बीएनआर चाणक्या में झारखंड ऑर्थोपेडिक्स एसोसिएशन की एक बैठक हुई. इस बैठक में देशभर के कई वरिष्ठ आर्थोपेडिक चिकित्सकों  ने भाग लिया.

इस बैठक  का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को रोबोटिक सर्जरी के अत्याधुनिक तकनीकों से अवगत कराना और  भविष्य में इसके व्यापक उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा था.इस आयोजन में नी 360 और घुटना प्रत्यारोपण तथा इसकी जटिलताओं से संबंधित नए पुराने तकनीकों की जानकारी दी गई.इस बैठक को आयोजन कराने में और एक साथ एक मंच पर देश के नामी डॉक्टरों को लाने में  जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी ने बड़ी भूमिका निभाई. 

बैठक में शामिल रांची के प्रख्यात ऑर्थोपेडिक चिकित्सक डॉ रजनीश ने बताया कि इस बैठक में जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के रोबोट (वैलीज ) के बारे में बाहर से आए हुए एक्सपर्ट्स के द्वारा जानकारी दी गई.बैठक में झारखंड के लगभग सभी शहरों से लोगों ने भाग लिया.बैठक का मुख्य विषय था की आने वाले समय में ऑर्थोपेडिक चिकित्सा में रोबोटिक सर्जरी का कैसे बेहतर उपयोग किया जा सकता है?
उन्होंने कहा की समय के साथ तकनीक भी बदलते हैं.इससे पहले घुटनों का प्रत्यारोपण होता था, जो एक सफल चिकित्सीय विधि भी रहा है, अगर इसे और बेहतर तकनीक के साथ करने पर बेहतर परिणाम आते हैं तो हमें इसका उपयोग करना चाहिए.आज बड़े शहरों में रोबोटिक सर्जरी काफ़ी सफलतापूर्वक किया जा रहा है.अब रांची भी इन शहरों में शुमार हो रहा है.झारखंड की जानता के लिए यह तकनीक काफ़ी फायदेमंद रहेगा.

मौके पर मौजूद ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ मनोज कुमार खेमानी ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी मरीजों के लिए किफायती और लाभप्रद होगा.इस माध्यम से मरीजों को रांची में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ मिले पाएगा.रोबोटिक सर्जरी में मरीजों को कम समय में तेजी से ठीक होने का फायदा मिलता है.
उन्होंने बताया की इसमें मरीजों को कम खर्च के साथ दर्द भी कम होता है.झारखंड जैसे प्रदेश में जहाँ घुटनों की समस्या ज़्यादा है, आज वे इस सर्जरी के माध्यम से एक सफल जीवन जी रहे हैं.

बैठक में शामिल ऑर्थोपेडिक चिकित्सक डॉ नितेश प्रिय ने मीडिया से बताया कि पश्चिमी देशों में सफल चिकित्सीय विधि ( रोबोटिक सर्जरी) अब भारत के बड़े शहरों से होते हुए छोटे शहरों में भी अपनाए जा रहे हैं.रोबोटिक सर्जरी हमारी जटिल चिकित्सीय विधि को आसान बनाता है , लेकिन अभी भी हमें इस विधि के सफल और उन्नत परिणाम के लिए भारतीय तकनीकी अनुसंधान की आवश्यकता है.किसी भी तकनीक के इस्तेमाल और उसके व्यापक परिणाम के बारे में पूरी जानकारी रखने के बाद ही नई तकनीकों का इस्तेमाल करना चाहिए, तभी बेहतर परिणाम मिलते हैं। 
उन्होंने कहा कि जैसे जैसे इस तकनीक का उपयोग बढ़ेगा इस पर हमारा भरोसा भी बढ़ता जाएगा.


रांची के मशहूर ऑर्थोपेडिक चिकित्सक और माँ रामप्यारी हॉस्पिटल के अध्यक्ष डॉ एस एन यादव ने बताया कि वे पिसले तीन वर्षों से रोबोटिक सर्जरी का उपयोग कर रहे हैं.लोगों की गलतफहमियों को दूर करते हुए उन्होंने बताया कि इस तकनीक में चिकित्सा रोबोट नहीं करते हैं, रोबोट सिर्फ चिकित्सक के निर्देशों पर सही मूल्यांकन और माप के साथ प्रक्रिया में सहायक होते हैं.

डॉ सुधीर कुमार ने कहा कि झारखंड में रोबोटिक सर्जरी का भविष्य है.यह मरीजों के साथ साथ चिकित्सकों के लिए भी काफ़ी फायदेमंद साबित होगा.रोबोटिक सर्जरी के व्यापक और दूरगामी लाभ को देखते हुए इसके व्यापक उपयोग की भी भरपूर संभावना है, जो एक स्वस्थ झारखंड के निर्माण में सहायक होगा.कार्यक्रम में रांची के काई गणमान्य डॉक्टर सामिल हुए