रांची(RANCHI): JPSC 14 परीक्षा को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच सरकार के चार मंत्री ने प्रेस वार्ता किया. इस प्रेस वार्ता में मंत्री सुदिव्य सोनू, दीपिका पांडे सिंह, चमरा लिंडा और संजय यादव शामिल रहे. इस दौरान छात्रों से अपील कि है कि वह आंदोलन छोड़ कर विधानसभा घेराव करने के कार्यक्रम को रद्द कर दे. सरकार आप के साथ है कोई भी रास्ता आंदोलन से नही निकल सकता है.
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि छात्रों कि मांग पर सरकार ने उदारता दिखाते हुए छात्रों के साथ बात कि. लेकिन यह दुर्भाग्य है कि सरकार के बात चीत के बाद भी छात्र के साथ समन्वय नही बन पाया.
उन्होंने बताया कि परीक्षा में निष्पक्ष जाँच का आश्वासन दिया गया. इस JPSC 14 विं परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के साथ ही cid ने जाँच शुरू की. शुरुआत में कई छापेमारी हुई. जिसमे दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया गया. साथ ही साक्ष्य बरामद किया गया.
दूसरा विषय परीक्षा रद्द करने की मांग की गई है. इसपर सरकार 14 वीन jpsc परीक्षा को रद्द करने के साथ इसके पूर्व में ली गई बैक लॉक परीक्षा को रद्द करने की सहमति बना दिया. इसके बाद सरकार ने छात्रों की मांग पर TDPL कम्पनी के द्वारा ली गई सभी परीक्षा की जाँच करने की बात कही है.
इस बीच jssc cgl की परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप छात्रों ने लगाया. जिसपर सरकार की ओर से बताया गया है कि परीक्षा सम्पन्न होने के बाद सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में इस मामले को. पूर्व में चुनौती दी गई थी. अब इसमें सरकार कुछ नही कर सकती. लेकिन इस परीक्षा कि जाँच एक रिटायर्ड जज के नेतृत्व में कमिटी बना कर कराने का आश्वासन दिया है.
लेकिन पुरे मामले में छात्र JSSC CGL कि परीक्षा और JPSC कि परीक्षा में सीबीआई जाँच कि मांग की है. ऐसे में राज्य सरकार ने jpsc परीक्षा में वित्तीय लेन देन के मामले में ED जाँच कराने का आग्रह करने का फैसला लिया है. लेकिन सभी मुद्दों पर छात्र अपनी हठधार्मिता पर अड़े है.
ऐसे में छात्रों से अपील करते है कि वह अपने आंदोलन को रद्द करें. यह हेमंत सोरेन का वादा है कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों को किसी कीमत पर बक्सा नही जाएगा
