Jharkhand

गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव को ATS केस में जमानत, अन्य मामलों में रहेगा जेल, लेवी-हवाला और फायरिंग के आरोप बरकरार

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव को ATS केस में जमानत, अन्य मामलों में रहेगा जेल, लेवी-हवाला और फायरिंग के आरोप बरकरार

रांची (RANCHI): झारखंड के चर्चित गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव को आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) से जुड़े एक मामले में राहत मिली है. ATS के विशेष न्यायाधीश कुलदीप की अदालत ने उसे जमानत दे दी है. हालांकि, अमन श्रीवास्तव फिलहाल रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार में बंद रहेगा, क्योंकि उसके खिलाफ अन्य कई आपराधिक मामलों में भी केस दर्ज हैं.

ATS ने अमन श्रीवास्तव और उसके गिरोह के खिलाफ आरोप लगाया था कि वे रंगदारी और लेवी से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल हथियार खरीदने और राज्य में आतंक का माहौल बनाने के लिए करते थे. जांच एजेंसी के मुताबिक, गिरोह व्यवसायियों और ठेकेदारों में खौफ पैदा करने के लिए गोलीबारी, आगजनी और अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देता था. इन्हीं आरोपों के आधार पर ATS थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. बाद में रंगदारी मांगने के एक अन्य मामले में भी अमन के खिलाफ अलग से केस दर्ज किया गया.

इस मामले में अमन श्रीवास्तव के अलावा उसके भाई अभिक श्रीवास्तव, बहनोई चंद्रप्रकाश राणू, बहन मंजरी श्रीवास्तव, चचेरे भाई प्रिंसराज श्रीवास्तव सहित उसके कई करीबी सहयोगियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज है. इसके अलावा विनोद कुमार पांडेय, जहीर अंसारी, फिरोज खान उर्फ साना खान, मजमूद उर्फ नेपाली, असलम और सिद्धार्थ साहू समेत कुल 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है. ATS की जांच में सामने आया है कि अमन श्रीवास्तव खुद सीधे तौर पर किसी वारदात में शामिल नहीं होता. एजेंसी का दावा है कि वह अपने गुर्गों और सहयोगियों के जरिए गोलीबारी, आगजनी और रंगदारी जैसी घटनाओं को अंजाम दिलाता है. इसके जरिए व्यवसायियों और ठेकेदारों पर दबाव बनाकर लेवी वसूली जाती है.

जांच एजेंसी के अनुसार, रंगदारी और लेवी से वसूली गई रकम भी अमन सीधे अपने पास नहीं रखता था. आरोप है कि हवाला नेटवर्क के जरिए यह राशि उसके रिश्तेदारों तक पहुंचाई जाती थी. ATS इस पूरे आर्थिक नेटवर्क, फंडिंग के स्रोत और हवाला चैनल की गहन जांच कर रही है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, टाटा माइंस और एलएंडटी में हुई फायरिंग जैसी कई चर्चित घटनाओं में भी अमन श्रीवास्तव गिरोह का नाम सामने आ चुका है. फिलहाल अदालत से जमानत मिलने के बावजूद उसके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों की कानूनी प्रक्रिया जारी है और जांच एजेंसियां उसके नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हुई हैं.