Jharkhand

झारखंड में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत, फायर रूल्स लागू होने के बाद अधिकारियों को मिलेंगे कानूनी अधिकार

Rashmi Prasad  CE
Rashmi Prasad CE
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रांची (RANCHI): झारखंड में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है. राज्य में पहले ही झारखंड फायर सर्विस एक्ट 2024 लागू किया जा चुका है और अब इसी कानून के तहत फायर रूल्स तैयार किए गए हैं. इन नियमों को लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. फायर रूल्स लागू होने के बाद अग्निशमन विभाग को केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं रहना पड़ेगा, बल्कि विभाग को अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए व्यापक कानूनी अधिकार भी प्राप्त होंगे. इससे राज्यभर में सरकारी, निजी, व्यावसायिक और औद्योगिक संस्थानों में फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन कराया जा सकेगा. सरकार का मानना है कि नए नियम लागू होने से आग से होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी और लोगों की जान-माल की सुरक्षा बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा सकेगी.

फायर रूल्स लागू होने के बाद फायर विभाग के अधिकारियों और फायरमैन को कई अहम अधिकार मिलेंगे. वे अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों और प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर सकेंगे, आवश्यकतानुसार जुर्माना लगा सकेंगे और नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई भी कर पाएंगे. अब तक विभाग के पास इस प्रकार की कार्रवाई के लिए सीमित अधिकार थे, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद कानून का पालन सुनिश्चित करना अधिक आसान होगा. इसके साथ ही सरकार जिला स्तर पर फायर सेफ्टी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रही है. प्रत्येक जिले में गैजेटेड फायर सेफ्टी अधिकारियों की नियुक्ति और जिला फायर अधिकारी का पद सृजित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर निगरानी और कार्रवाई की व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सके.

झारखंड फायर सर्विस के डीजी एम.एस. भाटिया ने बताया कि राज्य में पहले फायर एक्ट लागू किया गया था और अब उसी के अनुरूप फायर रूल्स तैयार किए गए हैं. उन्होंने कहा कि इन नियमों के लागू होने के बाद फायर स्टेशनों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मियों को कानूनी अधिकार मिलेंगे, जिससे वे नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई कर सकेंगे. डीजी ने यह भी बताया कि सरकार फायर एनओसी के नवीनीकरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने, थर्ड पार्टी फायर सेफ्टी ऑडिट लागू करने और जिला स्तर पर मजबूत प्रशासनिक ढांचा तैयार करने की दिशा में भी काम कर रही है. इन सभी पहल का उद्देश्य राज्य में अग्नि सुरक्षा मानकों को मजबूत करना, जोखिम को कम करना और लोगों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है.