रांची (RANCHI): JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के बाद झारखंड में अब उन तमाम भर्तियों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं, जिनकी परीक्षा या रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया में TDPL की भूमिका रही है. सरकार के फैसले का दायरा अगर पूरी तरह लागू होता है, तो इसका असर JPSC की कई बड़ी परीक्षाओं पर पड़ सकता है. इनमें 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के अलावा संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2023, सहायक वन संरक्षक यानी ACF, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर यानी FRO और फूड सेफ्टी ऑफिसर यानी FSO जैसी परीक्षाएं शामिल हैं. वहीं JSSC की महिला पर्यवेक्षिका यानी CDPO परीक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
JPSC की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट तैयार करने की जिम्मेदारी TDPL के पास रही थी. ऐसे में सरकार की ओर से TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा का सीधा असर इस परीक्षा पर पड़ सकता है. हालांकि, अंतिम फैसला सरकार और संबंधित आयोग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा. फिलहाल इन परीक्षाओं को संभावित रूप से रद्द होने वाली भर्ती प्रक्रियाओं में शामिल माना जा रहा है.
JPSC की संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2023 भी जांच के दायरे में आ सकती है. इस परीक्षा में 11वीं, 12वीं और 13वीं सिविल सेवा परीक्षा को शामिल किया गया था. जानकारी के मुताबिक, इस भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन On Screen System के जरिए कराया गया था. उस समय आयोग की अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा थीं. हालांकि, उनके कार्यकाल में अंतिम रिजल्ट जारी नहीं हुआ था. इसके बाद नीलिमा केरकेट्टा का कार्यकाल समाप्त हुआ और एल ख्यांगते ने JPSC अध्यक्ष का पद संभाला. उनके कार्यकाल के दौरान TDPL को परीक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां दी गईं. TDPL ने इंटरव्यू समेत चयन प्रक्रिया के बाकी चरणों में भी काम किया और इसके बाद अंतिम परिणाम जारी किया गया. इसी वजह से अब यह परीक्षा भी सरकार के फैसले के दायरे में आ सकती है.
ACF और FRO भर्ती हो सकती है रद्द?
JPSC की ओर से विज्ञापन संख्या 3/24 के तहत सहायक वन संरक्षक यानी ACF की भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी. इसी तरह विज्ञापन संख्या 4/24 के तहत फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर यानी FRO की परीक्षा हुई थी. इसके अलावा विज्ञापन संख्या 18/23 के तहत फूड सेफ्टी ऑफिसर यानी FSO की भर्ती परीक्षा भी आयोजित की गई. इन परीक्षाओं के रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया में TDPL की भूमिका बताई जा रही है. ऐसे में सरकार के नए फैसले के बाद इन भर्तियों का भविष्य भी अनिश्चित हो गया है.
CDPO परीक्षा में भी सामने आया विवाद
सिर्फ JPSC ही नहीं, JSSC की महिला पर्यवेक्षिका यानी CDPO परीक्षा भी सवालों के घेरे में है. जांच के दौरान एक ही संस्थान से जुड़े 18 अभ्यर्थियों के सफल होने की जानकारी सामने आई है. बताया गया कि ये सभी उम्मीदवार उत्तर प्रदेश से संबंधित हैं. इस जानकारी के सामने आने के बाद सरकार ने फिलहाल कुछ चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति पर रोक लगा रखी है. अब TDPL से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर सरकार के फैसले के बाद CDPO भर्ती पर भी आगे कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.
अगर सरकार TDPL से जुड़ी सभी परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लागू करती है, तो इसका असर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है. कई उम्मीदवार पहले ही परीक्षा पास कर चुके हैं, जबकि कुछ भर्ती प्रक्रियाओं के अंतिम चरण तक पहुंच चुके हैं. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सरकार इन परीक्षाओं को पूरी तरह रद्द करेगी या जांच के आधार पर अलग-अलग मामलों में फैसला लिया जाएगा. अंतिम तस्वीर सरकारी आदेश और संबंधित आयोग की अगली कार्रवाई के बाद ही साफ होगी.
