Jharkhand

रांची में फर्जी सेक्रेटरी गिरफ्तार: एक साल तक दरोगा-DSP पर जमाता रहा रौब, मंत्रालय से गायब किया फ़ाइल!

Samir Hussain
Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर

रांची पुलिस ने एक फर्जी सेक्रेटरी को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार नटवर लाल एक साल से डीएसपी-दरोगा और मंत्रालय के अधिकारीयों में रौब झाड़ रहा था. और कई अवैध काम कराने का दबाव बना रहा  था. मंत्रालय से कई अहम दस्तावेज को गायब कर रहा था. लेकिन आखिर कार रांची पुलिस ने इसके झूठ की कहानी से पर्दा उठाया और गिरफ्तार कर लिया.

साथ ही इसके पास से चौकाने वाले मंत्रालय के कई दस्तावेज बरामद किए है. इतना ही नहीं विधानसभा समेत कई पास और फर्जी गृह विभाग के आईडी कार्ड भी जब्त किया है. गिरफ्तार व्यक्ति से पुलिस अधिकारी पूछताछ कर रहे है. जिसके बाद कई खुलासे हो सकते है. साथ मंत्रालय में इसे सहयोग करने वालों से भी पूछताछ की जा सकती है.


गिरफ्तार व्यक्ति खुद को गृह विभाग का सेकेट्री तो कभी स्पेशल ब्रांच का डीएसपी बता कर दरोगा, डीएसपी और कई अधिकारीयों पर रौब झाड़ता था. इतना ही नहीं मंत्रालय में बड़े ही आराम से विभागों के दफ़्तर में घूमता रहता था. कई फ़ाइल और अहम दस्तावेज को भी वहां से गायब कर देता. लेकिन पिठौरिया थाना प्रभारी को एक शक के बाद इसकी पोल खुल गई और सलाखों के पीछे पहुंच गया.

जिसके बाद पिठौरिया थाना पुलिस ने लालपुर स्तिथ अमरावती अपार्टमेंट में छापेमारी की. जहाँ से अरुण कुमार अग्रवाल को गिरफ्तार कर किया. इसके पास से ब्रीजा कार, कई VIP पास और गृह विभाग से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद किए है. साथ ही तलाशी लेने पर गृह मंत्रालय से जुड़े  फर्जी आई कार्ड जब्त किए है.पिठौरिया थाना प्रभारी सतीश कुमार ने कांड संख्या 97/2026 दर्ज करते हुए कार्रवाई की है.


बताया जा रहा है कि कई दरोगा और डीएसपी को यह फोन कर खुद गृह विभाग का अवर सचिव अजय कुमार बताता था. कई थानेदार को यह रौब ज़माने के लिए कहता था कि इसके आदेश के बाद उसे पोस्टिंग मिली है. इसके बदले पैसे या गिफ्ट कि डिमांड करता था. इसी बीच बताया जा रहा है कि इसने खुद फोन कर पुलिस को बुलाया. जैसे ही पुलिस पहुंची फिर इसने रौब झड़ना स्टार्ट कर दिया. लेकिन कार पर लगे स्टिकर और पुलिस के बोर्ड ने शक पैदा किया.

जिसके बाद पिठौरिया थाना प्रभारी ने गृह विभाग से इसकी जानकारी मांगी और सत्यापन किया. जिसके बाद विभाग ने साफ किया कि इस नाम का कोई भी अधिकारी नहीं है. जिसके बाद पुलिस ने इसपर शिकंजा कसा और गिरफ्तार कर लिया.