Jharkhand

SIR को लेकर चुनाव आयोग का बड़ा प्लान, 27 जून को होगा Digital Creators Meet का आयोजन

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
SIR को लेकर चुनाव आयोग का बड़ा प्लान, 27 जून को होगा Digital Creators Meet का आयोजन

रांची (RANCHI): झारखंड में मतदाता जागरूकता को नई दिशा देने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय एक विशेष पहल करने जा रहा है. इसी कड़ी में 27 जून 2026 को रांची स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में "Digital Creators Meet 2026" का आयोजन किया जाएगा. इस कार्यक्रम की थीम "Digital Voices for an Informed Democracy" रखी गई है.

इस आयोजन का उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम से जुड़ी प्रमाणिक और तथ्यात्मक जानकारी को आम लोगों तक पहुंचाना, भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाना और जिम्मेदार डिजिटल संवाद को प्रोत्साहित करना है. कार्यक्रम के जरिए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय कंटेंट क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स, ब्लॉगर, वीडियो क्रिएटर्स और स्टोरीटेलर्स को एक मंच पर लाया जाएगा.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की ओर से बताया गया है कि कार्यक्रम में भाग लेने के इच्छुक लोग विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकते हैं. यह कार्यक्रम 27 जून 2026, शनिवार को दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा. आयोजकों के अनुसार विभिन्न डिजिटल माध्यमों और श्रेणियों से कुल 80 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा. प्रतिभागियों का चयन उनकी डिजिटल पहुंच (रीच), प्रोफाइल की प्रमाणिकता, कंटेंट की गुणवत्ता और समाज पर उनके प्रभाव के आधार पर किया जाएगा. वहीं, जिन आवेदकों का ऑफलाइन चयन नहीं हो पाएगा, उन्हें ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने राज्य के सभी डिजिटल और कंटेंट क्रिएटर्स से 25 जून 2026 तक अपना पंजीकरण सुनिश्चित करने की अपील की है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा. निर्वाचन विभाग का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म आज सूचना के सबसे प्रभावी माध्यमों में शामिल हैं. ऐसे में सही और विश्वसनीय जानकारी के प्रसार में डिजिटल क्रिएटर्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. यह आयोजन लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और चुनावी प्रक्रियाओं के प्रति लोगों को जागरूक बनाने की दिशा में एक अहम पहल साबित हो सकता है.