Jharkhand

SIR 2026 पर चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान: नहीं देने होंगे दस्तावेज, सिर्फ फॉर्म और फोटो से होगा काम

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
SIR 2026 पर चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान: नहीं देने होंगे दस्तावेज, सिर्फ फॉर्म और फोटो से होगा काम

रांची (RANCHI): मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) को लेकर उठ रहे सवालों के बीच झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है. उन्होंने कहा कि मतदाताओं को फिलहाल किसी भी तरह के दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है. इन्यूमरेशन (गणना) चरण के दौरान केवल भरा हुआ फॉर्म और एक नवीनतम रंगीन फोटो जमा करनी होगी. दस्तावेज सिर्फ उन्हीं चुनिंदा मतदाताओं से मांगे जाएंगे, जिन्हें बाद में नोटिस जारी किया जाएगा.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के 14 मई 2026 के निर्देशों के अनुसार गणना चरण में मतदाताओं से कोई दस्तावेज नहीं लिया जाएगा. यह व्यवस्था प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और मतदाता-अनुकूल बनाने के लिए लागू की गई है. उन्होंने कहा कि झारखंड की मौजूदा मतदाता सूची में शामिल अधिकांश मतदाताओं को किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी. जिन मतदाताओं ने अपने या अपने माता-पिता के नाम का सफलतापूर्वक मैपिंग कर लिया है, उन्हें केवल हस्ताक्षरित इन्यूमरेशन फॉर्म और एक हालिया फोटो बीएलओ को जमा करनी होगी. उनका नाम सीधे प्रारूप मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा.

यदि किसी मतदाता के रिकॉर्ड में विसंगति पाई जाती है या मैपिंग पूरी नहीं हुई है, तब भी गणना चरण में दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी. निर्वाचन अधिकारी और बीएलओ उपलब्ध रिकॉर्ड तथा ऑनलाइन पोर्टल की सहायता से इन कमियों को दूर करने का प्रयास करेंगे. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेज केवल नोटिस एवं सत्यापन अवधि के दौरान मांगे जाएंगे, जो 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक चलेगी. जिन मतदाताओं को इस अवधि में नोटिस प्राप्त होगा, केवल उन्हें ही आवश्यक प्रमाण पत्र जमा करने होंगे.

आंकड़ों के अनुसार, 14 जून 2026 तक झारखंड के 2.64 करोड़ मतदाताओं में से 2.11 करोड़ यानी लगभग 79.73 प्रतिशत मतदाताओं का स्वयं या माता-पिता के नाम से मैपिंग कार्य पूरा हो चुका है. आयोग का मानना है कि अधिकांश मतदाताओं की प्रक्रिया बिना किसी अतिरिक्त दस्तावेज के पूरी हो जाएगी. निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे किसी भी भ्रम में न पड़ें और निर्धारित प्रक्रिया के तहत केवल फॉर्म और फोटो जमा कर पुनरीक्षण अभियान में सहयोग करें.