Jharkhand

झारखंड मे इबोला अलर्ट, रांची एयरपोर्ट पर बनेगा विशेष क्वारंटाइन सेंटर

Saumya Shukla
Senior News Publisher • TheNewsPost.in
झारखंड मे इबोला अलर्ट, रांची एयरपोर्ट पर बनेगा विशेष क्वारंटाइन सेंटर

रांची (RANCHI): इबोला वायरस को लेकर दुनिया के कई देशों में बढ़ती चिंता के बीच झारखंड सरकार ने भी पहले से ही सावधानी भरे कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. राज्य का स्वास्थ्य विभाग किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए तैयारियों में जुट गया है. खास तौर पर राजधानी रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है ताकि विदेश से आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य जांच प्रभावी तरीके से की जा सके.

स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर एयरपोर्ट परिसर में एक विशेष क्वारंटाइन सेंटर बनाने की तैयारी चल रही है. इसका उद्देश्य ऐसे यात्रियों को तुरंत अलग रखना है जिनमें इबोला संक्रमण से जुड़े लक्षण दिखाई दें. अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी यात्री में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, दस्त या अन्य संदिग्ध लक्षण पाए जाते हैं, तो उसे सामान्य यात्रियों से अलग कर पहले जांच की जाएगी. जरूरत पड़ने पर उसे अस्पताल भेजकर आगे की चिकित्सा प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

केंद्र सरकार की ओर से जारी सतर्कता निर्देश के बाद झारखंड सरकार ने भी सभी जिलों को अलर्ट पर रहने को कहा है. राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अस्पतालों को संभावित आपात स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है. रांची स्थित रिम्स और सदर अस्पताल में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि किसी भी संदिग्ध मरीज का तुरंत इलाज और निगरानी संभव हो सके.

स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट प्रबंधन, जिला प्रशासन और अस्पतालों के बीच तालमेल बढ़ाने पर भी जोर दिया है. एयरपोर्ट पर 24 घंटे एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे जरूरत पड़ने पर मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके. इसके अलावा एयरपोर्ट कर्मियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं. इन कार्यक्रमों में संक्रमण की पहचान, मरीजों को सुरक्षित तरीके से संभालने और बचाव के उपायों की जानकारी दी जा रही है.

रांची के सदर अस्पताल में चार बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है. यहां संक्रमण नियंत्रण से जुड़े सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है. वहीं रिम्स में भी छह बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड सुरक्षित रखा गया है. अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहें.

स्वास्थ्य विभाग एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग प्रक्रिया को और मजबूत करने की योजना बना रहा है. विदेश से आने वाले यात्रियों की यात्रा संबंधी जानकारी और स्वास्थ्य स्थिति पर विशेष नजर रखी जाएगी. यदि किसी यात्री में संदिग्ध लक्षण मिलते हैं तो उसके नमूने जांच के लिए भेजे जा सकते हैं. अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल राज्य में इबोला संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सावधानी के तौर पर सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.

इबोला एक गंभीर वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थों के संपर्क में आने से फैल सकती है. इस बीमारी के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, कमजोरी, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में रक्तस्राव शामिल हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार समय पर पहचान और उचित इलाज से संक्रमण के प्रसार को रोका जा सकता है.

डॉक्टरों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सावधानी बरतना जरूरी है. हाथों की स्वच्छता बनाए रखना, बीमार व्यक्ति के सीधे संपर्क से बचना और किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना सबसे प्रभावी बचाव माना जाता है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है.