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Jharkhand

रांची में दुर्गोत्सव की धूम: कल खुलेंगे राजधानी के 9 भव्य पूजा पंडालों के पट

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): राजधानी रांची में दुर्गा पूजा का उत्साह चरम पर पहुंचने लगा है. ऐसे में कल यानी की बुधवार की शाम से शहर के नौ प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. ऐसे में  बुधवार शाम तक पंडाल निर्माण और सजावट से जुड़ी शेष तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी, जिसके बाद श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन और आकर्षक पंडालों को देखने के लिए घूमना शुरू कर देंगे. बताते चलें कि हर वर्ष की बहातीं इस वर्ष भी रांची के पूजा पंडालों में देश के प्रसिद्ध मंदिरों की झलक देखने को मिलेगी.

हालांकि राजधानी के कुछ पंडालों के पट गुरुवार को यानी की पंचमी के अवसर पर भी खुलेंगे. वहीं, अधिकांश पूजा पंडाल शुक्रवार को बेलवरण अनुष्ठान के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, जिसके बाद शनिवार को नवपत्रिका प्रवेश के साथ विधिवत पूजा-अर्चना शुरू होगी. 

कल खुलेंगे इन पंडालों के पट
जिला स्कूल
श्री रामलला दुर्गा पूजा समिति की ओर से जिला स्कूल परिसर में वाराणसी के निकट स्थित स्वर्वेद महामंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल तैयार किया गया है. समिति के अध्यक्ष अशोक चौधरी के मुताबिक, पंडाल निर्माण से जुड़ी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. पंडाल की बनावट और मां दुर्गा की प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगी. इसके निर्माण पर करीब सवा करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.

बकरी बाजार 
भारतीय युवक संघ की ओर से बकरी बाजार में तमिलनाडु के लगभग एक हजार साल पुराने बृहदेश्वर मंदिर का प्रारूप तैयार किया गया है. पंडाल की खासियत इसकी सुनहरी सजावट है. दिन के उजाले में यह हल्के सुनहरे रंग में दिखाई देगा, जबकि रात में रोशनी के बीच इसकी चमक और बढ़ जाएगी. इस भव्य आयोजन पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं.

मोरहाबादी
गीतांजलि क्लब दुर्गा पूजा समिति इस वर्ष अपनी स्थापना के 50वें वर्ष में प्रवेश कर रही है. मोरहाबादी में वेल्लोर के प्रसिद्ध लक्ष्मी नारायण मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया गया है. इसकी सुनहरी छटा श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी. आकर्षक लाइटिंग भी पंडाल की खूबसूरती बढ़ाएगी. पंडाल पर करीब 51 लाख रुपये खर्च किए गए हैं.

सेवा सदन रोड
राजस्थान मित्र मंडल ने अपने पंडाल को महाभारत की घटनाओं पर आधारित रूप दिया है. यहां चीरहरण से लेकर अर्जुन के मछली की आंख पर निशाना साधने तक के प्रसंग छोटे-छोटे चलंत दृश्यों के माध्यम से दिखाए जाएंगे. इससे श्रद्धालुओं को पौराणिक कथाओं की झलक देखने को मिलेगी. इसके निर्माण पर लगभग 35 लाख रुपये खर्च किए गए हैं.

रेलवे स्टेशन
रांची रेलवे स्टेशन स्थित दुर्गा पूजा समिति ने भगवान विष्णु के वामन अवतार और ओणम की थीम पर पंडाल तैयार किया है. प्रवेश द्वार की दीवारों पर देवी-देवताओं की पेंटिंग सजाई गई हैं. पंडाल के भीतर कोलकाता से लाई गई मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है. यहां वामन अवतार से जुड़े प्रसंगों के साथ नौकायन के दृश्य भी श्रद्धालुओं को देखने को मिलेंगे. पंडाल की अनुमानित लागत 50 लाख रुपये है.

ओसीसी क्लब
मेन रोड स्थित बांग्ला स्कूल परिसर में ओसीसी क्लब ने शिला कैलाश की अनूठी थीम पर पंडाल बनाया है. इसकी कल्पना एक ऐसे कैलाश के रूप में की गई है, जहां एक ही पत्थर से पंडाल और मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का स्वरूप तैयार किया गया है. इस परियोजना पर करीब 50 लाख रुपये खर्च किए गए हैं.

चंद्रशेखर आजाद पूजा समिति
चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति ने गुजरात के प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर की बाहरी संरचना को आधार बनाकर पंडाल तैयार किया है. गेरुआ रंग की बनावट, कलाकृतियां और आकर्षक प्रतिमाएं इसकी खासियत हैं. अध्यक्ष रमेश सिंह के मुताबिक, तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस पंडाल को तैयार करने में लगभग 80 लाख रुपये खर्च किए गए हैं.

सुभाष चौक
त्रिकोण हवन कुंड, सुभाष चौक स्थित पूजा पंडाल में आधुनिक तकनीक के दौर में पीछे छूटते ग्रामीण जीवन को दर्शाया गया है. यहां गांव की संस्कृति और पुराने समय की जीवनशैली से जुड़े दृश्य देखने को मिलेंगे. बग्गी, पालकी, डीजल ट्रेन, खेलकूद, बाइस्कोप और हावड़ा ब्रिज जैसी झलकियां इस पंडाल को खास बनाएंगी. पंडाल पर करीब 27 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं.

अपर बाजार 
ज्योति संगम दुर्गा पूजा समिति की ओर से अपर बाजार स्थित बालकृष्णा स्कूल परिसर में हस्तशिल्प कला पर आधारित पंडाल बनाया गया है. इसकी काल्पनिक वास्तुकला और कलात्मक सजावट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी. इसे तैयार करने में लगभग 30 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं.