Jharkhand

अब गांव-गांव में लगेगा ड्राइविंग लाइसेंस कैंप, जमीन के हर रिकॉर्ड होंगे ऑनलाइन, CM हेमंत सोरेन ने दिए बड़े निर्देश

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
अब गांव-गांव में लगेगा ड्राइविंग लाइसेंस कैंप, जमीन के हर रिकॉर्ड होंगे ऑनलाइन, CM हेमंत सोरेन ने दिए बड़े निर्देश

रांची (RANCHI): झारखंड सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और भूमि प्रबंधन को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने परिवहन एवं राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में कई अहम निर्देश दिए. उन्होंने पंचायत स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस सुविधा उपलब्ध कराने, भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, सड़क सुरक्षा योजनाओं के प्रचार-प्रसार और विभिन्न विकास परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करने पर जोर दिया.

पंचायतों में लगेंगे ड्राइविंग लाइसेंस कैंप
मुख्यमंत्री ने परिवहन विभाग को निर्देश दिया कि ग्रामीण इलाकों के लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए शहरों का चक्कर न लगाना पड़े. इसके लिए पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएं, जहां पात्र लोगों को लाइसेंस संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें. उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना की प्रगति की भी समीक्षा की और जिलावार रूट मैप तैयार कर ग्रामीण परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने के निर्देश दिए.

‘गुरुजी आपातकालीन सेवा-1944’ जल्द होगी शुरू
बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य में जल्द ही ‘गुरुजी आपातकालीन सेवा-1944’ शुरू की जाएगी. मुख्यमंत्री ने इस योजना को शीघ्र लागू करने का निर्देश देते हुए कहा कि इससे आपात परिस्थितियों में लोगों को त्वरित सहायता मिल सकेगी. साथ ही उन्होंने गुड सेमेरिटन योजना और हिट एंड रन मुआवजा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें.

जमीन खरीदने से पहले ऑनलाइन मिलेगी पूरी जानकारी
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने भूमि अभिलेखों के व्यापक डिजिटलीकरण का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी भूमि संबंधी रिकॉर्ड एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़े जाएं, ताकि नागरिक किसी भी जमीन की स्थिति ऑनलाइन देख सकें. इस व्यवस्था के लागू होने के बाद लोग यह जान सकेंगे कि संबंधित भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में है, पहले से अधिग्रहित है या पूरी तरह मुक्त है. इससे जमीन खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और विवादों में कमी आएगी.

मुख्यमंत्री ने खासमहल भूमि की लीज नवीनीकरण, लीज ट्रांसफर और भूमि उपयोग परिवर्तन (Change of Land Use) की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए. इसके अलावा सभी लीजधारकों का सर्वेक्षण और मैपिंग कर अद्यतन डाटाबेस तैयार करने को कहा गया है. साथ ही संबंधित दस्तावेजों का दोबारा सत्यापन भी कराया जाएगा.

रांची स्मार्ट सिटी में बन रहे ट्रैफिक पार्क का प्रेजेंटेशन देखने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पार्क बच्चों और युवाओं को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. उन्होंने जमशेदपुर में बन रहे इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइवर ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR) को तय समय सीमा के भीतर चालू करने और धनबाद में विकसित हो रहे वाहन निरीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र को आधुनिक तकनीक से लैस करने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यालयों और थाना परिसरों में वर्षों से खड़ी अनुपयोगी गाड़ियों के निस्तारण के लिए ठोस नीति तैयार करने को कहा. उन्होंने कानूनी प्रावधानों के अनुरूप वाहन स्क्रैपिंग व्यवस्था को मजबूत करने और लंबित मामलों का समाधान करने के निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी पहलों से प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी होंगी, सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी.