Jharkhand

चश्मा हटाने और केराटोकोनस के लेजर ट्रीटमेंट में योगदान के लिए डॉ. भारती कश्यप को मिला प्रतिष्ठित सम्मान

Diksha Benipuri
Diksha Benipuri
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RANCHI:रांची की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ और रिफ्रैक्टिव सर्जन डॉ. भारती कश्यप को आंखों की लेजर सर्जरी और केराटोकोनस के उपचार के क्षेत्र में उनके शोध एवं क्लीनिकल अनुभव के लिए प्रतिष्ठित ‘एक्सीरेस एक्सीलेंस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान नई दिल्ली में 7 से 9 अगस्त के बीच आयोजित केराटो-रिफ्रैक्टिव सर्जन्स कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदान किया गया.

डॉ. भारती कश्यप को यह पुरस्कार नई दिल्ली स्थित आरपी सेंटर, एम्स की प्रोफेसर डॉ. राधिका टंडन ने प्रदान किया. सम्मेलन में देशभर से रिफ्रैक्टिव सर्जरी और नेत्र चिकित्सा के विशेषज्ञ शामिल हुए थे.

सम्मेलन के दौरान डॉ. भारती कश्यप ने ‘लेजर इन केराटोकोनस’ विषय पर अपना शोध और वर्षों के क्लीनिकल अनुभव साझा किया. इस दौरान उन्होंने केराटोकोनस जैसी जटिल कॉर्नियल बीमारी के उपचार में लेजर तकनीक के इस्तेमाल से जुड़े अपने अनुभवों और परिणामों पर विस्तार से जानकारी दी. विश्व स्तर पर प्रसिद्ध रिफ्रैक्टिव सर्जन डॉ. रोहित शेट्टी के नेतृत्व में इस विषय पर हुई विशेषज्ञ चर्चा में भी उनके काम को विशेष महत्व मिला.

डॉ. भारती कश्यप पिछले करीब दो दशकों से झारखंड में लेजर विजन करेक्शन और चश्मा हटाने वाली सर्जरी के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं. इस अवधि में उन्होंने बड़ी संख्या में मरीजों का उपचार किया है. उनके उपचार से कई युवाओं को चश्मे पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है. इसके अलावा पुलिस, वायुसेना, विमानन, लोको पायलट, मर्चेंट नेवी और अन्य प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में निर्धारित दृष्टि मानकों को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को फिटनेस हासिल करने में भी सहायता मिली है.

डॉ. कश्यप के अनुसार, चश्मा हटने के बाद कई मरीजों के आत्मविश्वास और दैनिक जीवन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है. उनका कहना है कि आधुनिक तकनीक के कारण अब लेजर विजन करेक्शन के क्षेत्र में उपचार के विकल्प और अधिक बेहतर हुए हैं.

उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से उनके संस्थान में आधुनिक AI-सक्षम लेजर विजन करेक्शन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस तकनीक के माध्यम से सामान्य दृष्टि सुधार के साथ-साथ केराटोकोनस जैसी जटिल कॉर्नियल स्थितियों के उपचार में भी बेहतर परिणाम प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है.

दिल्ली में आयोजित वैज्ञानिक सम्मेलन में प्रस्तुत उनके शोध और क्लीनिकल अनुभव को देश के प्रमुख नेत्र विशेषज्ञों से सराहना मिली. डॉ. कश्यप ने कहा कि दिल्ली, कोलकाता और मुंबई जैसे शहरों में आयोजित प्रतिष्ठित वैज्ञानिक सम्मेलनों में झारखंड में किए जा रहे कार्यों को मिल रही मान्यता यह दर्शाती है कि राज्य में भी आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय चिकित्सा पद्धतियों के जरिए मरीजों को बेहतर नेत्र उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है.