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Jharkhand

रांची: डॉक्टरों ने सरकार के सामने रखी मांगें, 21 अक्टूबर को राज्यव्यापी प्रदर्शन, कार्रवाई नहीं हुई तो 22 से हड़ताल

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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रांची (RANCHI): झारखंड के डॉक्टरों से जुड़े संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (CMP) और आंदोलन का पूरा प्लान रखा है. जॉइंट मेडिकल मूवमेंट ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को अपनी मांगों की प्रतियां सौंपी हैं. इन दस्तावेजों को संबंधित कार्यालयों में जमा करने के बाद उसकी प्राप्ति भी ली गई है. साथ ही इसकी कॉपी ई-मेल के जरिए भी भेजी गई है. डॉक्टरों का कहना है कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिनका जल्द समाधान जरूरी है.

डॉक्टरों की मुख्य मांगों में उनकी सुरक्षा का मुद्दा सबसे अहम है. इसके अलावा डीएसीपी और डायनेमिक एसीपी लागू करने, क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट में जरूरी बदलाव करने और आयुष्मान भारत-पीएम जय योजना से जुड़े मामलों का समाधान करने की मांग की गई है. जूनियर डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट्स की समस्याओं के साथ-साथ डेंटल डॉक्टरों से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए हैं. डॉक्टरों ने सिंगल विंडो सिस्टम बनाने और सरकार तथा चिकित्सा क्षेत्र के बीच नियमित बैठक और निगरानी की व्यवस्था शुरू करने की भी मांग की है. उनका कहना है कि इन मांगों का मकसद डॉक्टरों को बेहतर माहौल देना और मरीजों को सुरक्षित व अच्छी स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है.

मांगों को लेकर डॉक्टरों ने आंदोलन का कार्यक्रम भी तय किया है. इसके तहत लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा और डॉक्टर ब्लैक बैज लगाकर विरोध जताएंगे. राज्य और जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और डॉक्टरों की बैठक भी होगी. 21 अक्टूबर को पूरे झारखंड में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. डॉक्टरों ने साफ कहा है कि अगर 21 अक्टूबर तक उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाया, तो 22 अक्टूबर से सरकारी और निजी अस्पतालों के डॉक्टर संयुक्त रूप से काम का बहिष्कार कर सकते हैं. आंदोलनकारी डॉक्टरों ने कहा है कि उनका विरोध किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं है, बल्कि डॉक्टरों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए है.