रांची (RANCHI): JPSC-JSSC में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 12वें दिन भी जारी है. ऐसे में रांची सदर अस्पताल में उपचाररत देवेंद्र नाथ महतो की स्वास्थ्य स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है. हालांकि चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है. पर लगातार कई दिनों से भोजन नहीं लेने के कारण उनकी तबीयत पर असर पड़ रहा है. ऐसे में अस्पताल में उपचार के बावजूद देवेंद्र नाथ महतो ने आंदोलन और अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने से इनकार किया है. उनका कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी.
देवेंद्र नाथ महतो की लगातार जारी भूख हड़ताल को लेकर झारखंड के छात्र-युवाओं और समर्थकों में चिंता बढ़ गई है. उनके समर्थक लगातार उनके स्वास्थ्य की जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं. आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि देवेंद्र नाथ महतो JPSC-JSSC से जुड़ी कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं. वहीं, अस्पताल में उनका उपचार जारी रहने के बावजूद आंदोलन को लेकर उनका रुख कायम बताया गया है. समर्थकों का कहना है कि सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द समाधान की दिशा में कदम उठाना चाहिए.
मंदिरों में पूजा-अर्चना, स्वास्थ्य के लिए हो रही प्रार्थना
देवेंद्र नाथ महतो की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति की खबरों के बीच उनके समर्थक और छात्र-युवा उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं. झारखंड के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर उनके स्वास्थ्य के लिए पूजा-अर्चना किए जाने की जानकारी सामने आई है.
दिवड़ी मंदिर, रजरप्पा मंदिर और बाबा बैद्यनाथ धाम समेत कई धार्मिक स्थलों पर लोगों ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. इसके अलावा झारखंड के बाहर भी छात्र, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और समर्थक उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना और दुआ कर रहे हैं. वहीं समर्थकों का कहना है कि देवेंद्र नाथ महतो छात्रों और युवाओं से जुड़े अधिकारों तथा न्याय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. ऐसे में उनके स्वास्थ्य को लेकर लोगों में चिंता बनी हुई है.
फिलहाल देवेंद्र नाथ महतो रांची सदर अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में हैं और उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल 12वें दिन भी जारी है. आंदोलन के बीच उनकी स्वास्थ्य स्थिति और सरकार की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदम पर सभी की नजर बनी हुई है.
