रांची(RANCHI): रेल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत कि खबर सामने आई है. राजधानी रांची से ऋषिकेश और हरिद्वार के बीच नई द्वि-साप्ताहिक ट्रेन चलाने की मांग उठी है. प्रस्तावित ट्रेन लोहरदगा, टोरी, डालटनगंज, डेहरी-ऑन-सोन, वाराणसी, अयोध्याधाम और बरेली होते हुए ऋषिकेश-हरिद्वार तक चलाने का प्रस्ताव दिया गया है. दक्षिण पूर्व रेलवे के जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने इस संबंध में दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र भेजा है. उन्होंने महाप्रबंधक से आग्रह किया है कि इस प्रस्ताव को रेलवे बोर्ड के समक्ष भेजकर नई ट्रेन सेवा शुरू करने की दिशा में आवश्यक पहल की जाए. प्रस्ताव के पीछे मुख्य उद्देश्य रांची और उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक तथा प्रशासनिक शहरों के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित करना है. इससे यात्रियों को दूसरे स्टेशनों पर ट्रेन बदलने की परेशानी से भी राहत मिल सकती है.
अरुण जोशी ने अपने पत्र में बताया कि वर्तमान में रांची से लखनऊ, अयोध्या, बरेली, हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं है. ऐसे में इन शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों को कई बार दूसरे स्टेशनों से ट्रेन बदलनी पड़ती है. नई ट्रेन सेवा शुरू होने पर रांची से इन प्रमुख शहरों तक सीधा रेल संपर्क उपलब्ध हो सकेगा. प्रस्तावित मार्ग से झारखंड के कई क्षेत्रों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है. खासतौर पर अयोध्याधाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह ट्रेन काफी सुविधाजनक साबित हो सकती है. वहीं, लखनऊ जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों तथा हरिद्वार-ऋषिकेश जाने वाले यात्रियों को भी सीधी रेल सेवा का फायदा मिल सकता है. इससे यात्रा का समय और परेशानी दोनों कम होने की उम्मीद है.
प्रस्तावित ट्रेन सेवा से केवल धार्मिक यात्रा ही नहीं, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना जताई गई है. बरेली और रांची के बीच सीधा रेल संपर्क होने से दोनों क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिल सकती है. इसी तरह वाराणसी और अयोध्या जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों से जुड़ाव बढ़ने पर झारखंड से पर्यटन और तीर्थयात्रा को भी प्रोत्साहन मिल सकता है. जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने रेलवे से आग्रह किया है कि रांची-ऋषिकेश/हरिद्वार प्रस्तावित द्वि-साप्ताहिक ट्रेन का प्रस्ताव जल्द रेलवे बोर्ड को भेजा जाए, ताकि इसकी व्यवहार्यता और संचालन को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू हो सके. पत्र की प्रतिलिपि राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप वर्मा और मंडल रेल प्रबंधक, रांची को भी भेजी गई है.
