रांची: राज्य के सबसे बड़े मेले की शुरुआत होने वाली है. श्रावणी मेले को लेकर सरकार और सभी विभाग एक्टिव है. पुलिस से लेकर डॉक्टर तक की तैनाती की जा रही है. लेकिन इसमें स्वास्थ्य विभाग कितना अलर्ट है उसके एक आदेश ने पोल खोल दी है. श्रावणी मेले में एक मृत डॉक्टर की ड्यूटी लगा दी है. जिससे स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है.
विभाग द्वारा जारी आदेश संख्या 481(3), दिनांक 22 जुलाई 2026 में देवघर श्रावणी मेला 2026 के लिए चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की गई है. हैरानी की बात यह है कि इस सूची के क्रम संख्या-06 पर डॉ. प्रकाश बड़ाईक का नाम शामिल है, जबकि उनका निधन 17 जुलाई 2026 को ही रांची के मेदांता अस्पताल में हो चुका है. वह लातेहार जिला के महुआडांड़ के मूल निवासी थे.
यह केवल एक टंकण त्रुटि नहीं बल्कि विभागीय लापरवाही का गंभीर उदाहरण माना जा रहा है. सवाल यह उठता है कि जब किसी चिकित्सक का निधन हो चुका है, तो उनके नाम पर ड्यूटी आदेश कैसे जारी हो गया? क्या विभाग ने सूची जारी करने से पहले संबंधित चिकित्सकों का सत्यापन नहीं किया?यह घटना विभाग की कार्यप्रणाली, रिकॉर्ड संधारण और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है. श्रावणी मेला जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए जारी आदेश में ऐसी चूक चिंताजनक मानी जा रही है.
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या स्पष्टीकरण देता है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं. यदि यह तथ्य सही है, तो विभाग को तत्काल आदेश में संशोधन कर अपनी त्रुटि स्वीकार करते हुए जिम्मेदारी तय करनी चाहिए.
