☰
Jharkhand

SIR में नोटिस के बाद सुधार तो करा लिया, लेकिन काम पूरा हुआ या नहीं? वोटरों का बड़ा सवाल

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

रांची (RANCHI): झारखंड में वोटर लिस्ट को लेकर चल रही SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया अब खत्म होने वाली है. 30 सितंबर को इसके तीसरे चरण की आखिरी तारीख है. तारीख नजदीक आने के साथ ही लोगों के बीच एक सवाल तेजी से उठ रहा है. सवाल यह है कि अगर SIR के दौरान किसी को नोटिस भेजा जाता है और वह अपनी सारी परेशानी ठीक करा लेता है, तो इसके बाद उसे यह जानकारी क्यों नहीं दी जाती कि उसकी प्रक्रिया पूरी हो गई है.

नोटिस आया तो बूथ पर पहुंच रहे लोग

The News Post से बात करने वाले कई लोगों ने बताया कि SIR के दौरान उन्हें नोटिस मिला. नोटिस में बताया गया कि उनके दिए गए डेटा या जानकारी का रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो रहा है. इसके बाद वे अपने बूथ पर पहुंचे और जरूरी दस्तावेज या जानकारी देकर उसे ठीक कराया.

लोगों का कहना है कि जब कोई कमी मिलती है तो उसे दूर करने के लिए नोटिस भेज दिया जाता है. अगर समय पर सुधार नहीं किया जाता है तो दोबारा भी जानकारी दी जा रही है. लेकिन जब लोग बूथ पर जाकर अपनी तरफ से जरूरी सुधार करा देते हैं, तब उन्हें आगे की स्थिति के बारे में कोई साफ जानकारी नहीं मिलती.

सुधार के बाद भी पता नहीं, काम पूरा हुआ या नहीं

यही बात अब लोगों को परेशान कर रही है. उनका कहना है कि जब उन्होंने नोटिस में बताई गई गलती को ठीक करा दिया और संबंधित प्रक्रिया भी पूरी कर दी, तो कम से कम इतना तो बताया जाना चाहिए कि अब उनका SIR पूरा हो गया है.

लोगों का सवाल है कि क्या उन्हें कोई मैसेज भेजकर बताया जा सकता है कि उनकी तरफ से जरूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. अगर अभी कोई दस्तावेज या जानकारी बाकी है तो उसकी भी जानकारी मिलनी चाहिए. ऐसा होने पर लोगों को बार-बार बूथ या संबंधित कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

मोबाइल नंबर लिया जा रहा है तो मैसेज क्यों नहीं?

SIR के दौरान लोगों से मोबाइल नंबर भी लिए जा रहे हैं. ऐसे में लोगों का कहना है कि अगर मोबाइल नंबर रिकॉर्ड में लिया जा रहा है तो प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक SMS या डिजिटल मैसेज भेजने में क्या परेशानी है.

लोगों का कहना है कि जब किसी कमी की जानकारी देने के लिए नोटिस भेजा जा सकता है, तो सुधार पूरा होने के बाद इसकी जानकारी भी दी जानी चाहिए. इससे लोगों को साफ पता रहेगा कि उनका काम पूरा हुआ है या अभी कुछ करना बाकी है.

फोन करने पर भी नहीं मिल रही जानकारी

लोगों की परेशानी सिर्फ मैसेज नहीं मिलने तक सीमित नहीं है. कुछ लोगों का कहना है कि जब वे खुद फोन करके यह जानने की कोशिश करते हैं कि उनका SIR पूरा हुआ या नहीं, तो कई बार फोन ही नहीं उठता.

अब जब 30 सितंबर की आखिरी तारीख करीब है, ऐसे में लोगों की मांग है कि नोटिस के बाद सुधार कराने वाले मतदाताओं को प्रक्रिया की स्थिति साफ तौर पर बताई जाए. इससे लोगों का भ्रम भी दूर होगा और उन्हें यह चिंता भी नहीं रहेगी कि कहीं उनकी तरफ से कोई जरूरी काम बाकी तो नहीं रह गया.