Jharkhand

CAMPA की पहली बैठक में सीएम हेमंत सोरेन के बड़े फैसले, वन संरक्षण और हाथी कॉरिडोर पर फोकस

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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रांची (RANCHI): झारखंड में वन संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा में राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है. सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड प्रतिकरात्मक वनरोपण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण यानी CAMPA की राज्य शासी निकाय की पहली बैठक आयोजित हुई. बैठक में वनरोपण, हाथी कॉरिडोर, जल संरक्षण और आधुनिक तकनीक के उपयोग जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि CAMPA के तहत संचालित सभी योजनाओं को समय पर, पारदर्शी तरीके से और तय मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वन क्षेत्रों और वहां रहने वाले लोगों के जीवन में उसका सकारात्मक प्रभाव दिखना चाहिए. मुख्यमंत्री ने वनरोपण के दौरान औषधीय पौधे लगाने, पौधों की नियमित निगरानी करने तथा मृदा एवं जल संरक्षण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया. साथ ही, ऐसे पौधों का चयन करने को कहा जो मानव और वन्यजीव दोनों के लिए उपयोगी हों.

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी हाथी कॉरिडोर की सूक्ष्म मैपिंग कराने और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जहां जरूरत हो, वहां सड़क निर्माण के दौरान एलिवेटेड रोड जैसी तकनीक अपनाई जाए ताकि हाथियों की आवाजाही प्रभावित न हो. वन विभाग ने बताया कि रामगढ़, बोकारो और चाकुलिया समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में थर्मल और इंफ्रारेड कैमरे लगाए जा रहे हैं. इनकी मदद से हाथियों की गतिविधियों की निगरानी होगी और स्थानीय लोगों को रियल टाइम अलर्ट भेजा जाएगा. सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना और राज्य की प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना है.