रांची (RANCHI): JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विधानसभा घेराव करने पहुंचे छात्रों और पुलिस के बीच सोमवार को टकराव की स्थिति बन गई. छात्रों के लगातार बैरिकेडिंग पार कर विधानसभा की ओर बढ़ने के प्रयास के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इसके बाद प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिस की तरफ जूते-चप्पल फेंके जाने की बात सामने आई. लाठीचार्ज के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस ने भीड़ को पीछे हटाने की कोशिश की. इससे पहले छात्रों ने कई स्तर की बैरिकेडिंग पार कर ली थी. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया था. बढ़ते तनाव को देखते हुए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई. इसी बीच प्रदर्शन कर रहे छात्रों में से एक की अचानक तबीयत बिगड़ गई. छात्र की हालत खराब होते ही मौके पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल एंबुलेंस बुलाने की मांग की. छात्रों के मुताबिक, लगातार कई घंटों से चल रहे प्रदर्शन और भीड़ के बीच स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति को देखते हुए तुरंत चिकित्सा सहायता मिलना जरूरी था. प्रशासन की ओर से तत्काल कार्रवाई करते हुए बीमार छात्र को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया.
प्रदर्शनकारी छात्र ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
लाठीचार्ज के बाद एक प्रदर्शनकारी छात्र ने पुलिस कार्रवाई को बर्बरतापूर्ण बताया. छात्र का आरोप है कि बैरिकेडिंग के पास प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं. उसका कहना था कि लाठी का इस्तेमाल कमर के नीचे किया जाना चाहिए, लेकिन प्रदर्शन के दौरान सिर, हाथ, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोट लगने का आरोप लगाया गया. छात्र ने इसे सरकार का दोहरा रवैया बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए. वहीं, मौके पर मौजूद पुलिस बल लगातार छात्रों को पीछे हटाने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटा रहा.
पहली बार विधानसभा के इतने करीब पहुंचे प्रदर्शनकारी
नए झारखंड विधानसभा भवन के गठन के बाद से विधानसभा घेराव के दौरान यह पहली बार है, जब प्रदर्शनकारी इतने करीब तक पहुंचने में सफल हुए हैं. इससे पहले सुरक्षा व्यवस्था के कारण आंदोलनों में प्रदर्शनकारियों को विधानसभा से काफी पहले ही रोक दिया जाता था. इस बार छात्रों ने कई स्तर की बैरिकेडिंग पार कर अंतिम सुरक्षा घेरे तक पहुंचने का प्रयास किया. छात्रों की लगातार बढ़ती संख्या और आगे बढ़ने की कोशिश के कारण प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करनी पड़ी.
SP ने कहा- कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी
रांची के पुलिस कप्तान पारस राणा ने लाठीचार्ज को लेकर कहा कि प्रदर्शनकारियों को लगातार समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वे आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे. उनके मुताबिक, स्थिति को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. SP ने कहा कि पुलिस छात्रों के खिलाफ नहीं है और प्रशासन उनकी मांगों को लेकर संवेदनशील है. हालांकि, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करना भी जरूरी है. फिलहाल लाठीचार्ज के बाद मौके पर तनाव बना हुआ है और पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी है.
