Jharkhand

JPSC घोटाले में CID का शिकंजा, दो और आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट में पेश किए अहम डिजिटल सबूत

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
JPSC घोटाले में CID का शिकंजा, दो और आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट में पेश किए अहम डिजिटल सबूत

रांची (RANCHI): झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच लगातार आगे बढ़ रही है. इस मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है. इन नई गिरफ्तारियों के बाद अब तक इस मामले में कुल सात लोगों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच एजेंसी का दावा है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी रहेगी.

CID पहले ही इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है. जांच के दौरान विभिन्न स्थानों पर छापेमारी भी की गई, जहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए थे. अब एजेंसी ने इन बरामद सामग्रियों को न्यायालय के समक्ष साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया है.

जांच एजेंसी ने कोर्ट में JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते, कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी और तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता के आवास और कार्यालयों से जब्त किए गए दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को पेश किया. इनमें कई महत्वपूर्ण फाइलें, दस्तावेजों की प्रतियां, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क, प्रिंटर और अन्य डिजिटल डिवाइस शामिल हैं. CID का मानना है कि इन उपकरणों से जांच में कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं और कथित अनियमितताओं की कड़ियों को जोड़ने में मदद मिलेगी.

सूत्रों के अनुसार, जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की तकनीकी और फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है, ताकि परीक्षा प्रक्रिया, रिकॉर्ड और संभावित वित्तीय लेन-देन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके. जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि कथित अनियमितताओं का दायरा कितना व्यापक था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही.