Jharkhand

JSSC-CGL परीक्षा मामले में CID की कार्रवाई तेज! गिरीडीह से एक और आरोपी गिरफ्तार

Rashmi Prasad
Rashmi Prasad
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रांची (RANCHI): झारखंड में JSSC-JPSC को लेकर लगातार छापेमारी चल रही है. इसी कड़ी में JSSC की CGL परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक मामले की जांच कर रही झारखंड पुलिस की CID ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. यह गिरफ्तारी थाना कांड संख्या 01/2025 के तहत की गई है. CID ने बताया कि मामले की जांच निष्पक्ष और व्यापक तरीके से जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बता दें, इस मामले की जांच के लिए गठित 17 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) अब तक करीब 150 संदिग्ध अभ्यर्थियों, एजेंटों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर चुका है. जांच एजेंसी का कहना है कि जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे जांच का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है.

इसके साथ ही जांच के दौरान CID को ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए हैं. जांच एजेंसी के अनुसार, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन के विश्लेषण में कुछ अभ्यर्थियों, बिचौलियों, एजेंटों और परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों के बीच संदिग्ध आर्थिक लेन-देन के संकेत मिले हैं. आरोप है कि कुछ अभ्यर्थियों से बड़ी रकम लेकर उन्हें परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए गए थे. इसी मामले में पहले गिरफ्तार किए गए चार अभ्यर्थियों को, जिन पर अवैध तरीके से परीक्षा में लाभ लेने का आरोप है, रांची स्थित CID की विशेष अदालत में पेश किया गया. अदालत के आदेश के बाद चारों को न्यायिक हिरासत में होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार भेज दिया गया. CID का कहना है कि जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी.

वहीं, दिल्ली से गिरफ्तार किए गए सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार से CID रिमांड पर लगातार पूछताछ कर रही है. दोनों परीक्षा संचालन से जुड़ी संस्था ICN के कर्मचारी बताए जा रहे हैं, जिसे वेबेल टेक्नोलॉजी के सहयोग से परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई थी. जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताओं में उनकी भूमिका क्या रही. दूसरी ओर, ICN का संचालक मिथिलेश सिंह अभी भी फरार है. उसकी गिरफ्तारी के लिए CID की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. CID ने स्पष्ट किया है कि मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.