Jharkhand

BREAKING: निलंबित IAS विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, लैंड स्कैम मामले में मिली जमानत

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): झारखंड के निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. करीब एक वर्ष से अधिक समय से जेल में बंद विनय चौबे की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें बेल प्रदान कर दी. यह फैसला जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने सुनाया.

विनय चौबे ने झारखंड हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इससे पहले 28 अप्रैल को झारखंड हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए राहत देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में विशेष याचिका दायर कर जमानत की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया.

विनय चौबे को जिस मामले में यह राहत मिली है, वह हजारीबाग जिले से जुड़े चर्चित लैंड स्कैम का मामला है. इस प्रकरण में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने वर्ष 2025 में कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया था. जांच एजेंसी ने इस मामले में कुल 73 लोगों को आरोपी बनाया है.

एफआईआर में विनय चौबे के अलावा उनके करीबी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन अंचल अधिकारी (सीओ) शैलेश कुमार, ब्रोकर विजय सिंह समेत कई अन्य लोगों के नाम शामिल हैं. जांच एजेंसी का आरोप है कि भूमि से जुड़े इस मामले में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और कथित गड़बड़ियां हुई थीं, जिसकी जांच जारी है.

सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद विनय चौबे के जेल से बाहर आने का रास्ता लगभग साफ हो गया है. जानकारी के अनुसार, जिन अन्य मामलों में उन्हें आरोपी बनाया गया था, उनमें उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है. ऐसे में इस मामले में बेल मिलने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है, हालांकि यह संबंधित न्यायिक औपचारिकताओं के पूरा होने पर निर्भर करेगी. यह मामला झारखंड के चर्चित भूमि घोटालों में से एक माना जाता है और इसकी जांच अभी भी जारी है. अब सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में एक बार फिर चर्चा तेज होने की संभावना है.