Jharkhand

BREAKING: CID की छापेमारी के बाद रिम्स में बड़ा घटनाक्रम, निदेशक ने दिया इस्तीफा, फर्जी एडमिशन और टेंडर घोटाले की जांच तेज

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स में चल रही जांच के बीच गुरुवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया. सीआईडी की छापेमारी के एक दिन बाद रिम्स के निदेशक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि इस्तीफे के पीछे आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन इसे हालिया जांच कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है.

बुधवार को झारखंड सीआईडी की दो टीमों ने रिम्स परिसर में पहुंचकर डेटा सेंटर, डीन कार्यालय और प्रशासनिक विभाग में विस्तृत जांच की थी. इस दौरान निदेशक, डीन, चिकित्सा अधीक्षक समेत कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई. देर शाम तक चली कार्रवाई में जांच टीम ने कई अहम दस्तावेज, फाइलें और डिजिटल रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिए. सीआईडी की जांच दो प्रमुख शिकायतों पर केंद्रित है. पहला मामला वर्ष 2025 के शैक्षणिक सत्र में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रम में हुए कथित अनियमित प्रवेश से जुड़ा है. शिकायत के अनुसार कुछ छात्रों ने संदिग्ध जाति और दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर दाखिला प्राप्त किया. जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों का आवश्यक सत्यापन क्यों नहीं कराया गया.

दरअसल, कुछ छात्रों के जाति प्रमाण पत्र और एक छात्र के दिव्यांगता प्रमाण पत्र की वैधता को लेकर सवाल उठाए गए हैं. सीआईडी ने संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर उनकी जांच शुरू कर दी है. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत मूल प्रमाण पत्रों का भौतिक सत्यापन समय पर क्यों नहीं किया गया. दूसरा मामला रिम्स में सफाई व्यवस्था से जुड़े टेंडर आवंटन का है. आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर कुछ विशेष कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया. सीआईडी इन आरोपों की भी जांच कर रही है. यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो संबंधित अधिकारियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.