Jharkhand

BREAKING: JPSC-JSSC परीक्षा घोटाले में बड़ा एक्शन! CID ने TDPL के पूर्व मैनेजर को दबोचा, कई भर्ती परीक्षाओं में सफलता पर उठे सवाल

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
BREAKING: JPSC-JSSC परीक्षा घोटाले में बड़ा एक्शन! CID ने TDPL के पूर्व मैनेजर को दबोचा, कई भर्ती परीक्षाओं में सफलता पर उठे सवाल

रांची (RANCHI): 14वीं JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच सीआईडी (CID) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट प्रखंड में पदस्थापित आपूर्ति पदाधिकारी अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि टीडीपीएल (TDPL) कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर रहते हुए उसने JPSC और JSSC की कई भर्ती परीक्षाओं में कथित फर्जीवाड़े के जरिए सफलता हासिल की. इस कार्रवाई के बाद भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं.

बताया जा रहा है कि इस मामले की शिकायत नगड़ी निवासी एस.एस. शर्मा ने स्थानीय थाना, सीआईडी और अन्य जांच एजेंसियों से की थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अभय कुमार तिवारी एक संगठित परीक्षा सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी कर लाभ पहुंचाने का काम करता रहा है. शिकायत के आधार पर सीआईडी ने प्रारंभिक जांच शुरू की, जिसके बाद छापेमारी और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई.

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में लगातार सफलता हासिल की थी. आरोपों के अनुसार उसने PGTTCE-2023, JSSC CGL-2023, ACF प्रारंभिक परीक्षा-2024, MRO प्रारंभिक परीक्षा-2024 और FSO लिखित परीक्षा-2023 में भी सफलता प्राप्त की थी. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन परीक्षाओं में उसकी सफलता सामान्य प्रक्रिया के तहत हुई या इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका थी.

सूत्रों के मुताबिक सीआईडी की टीम ने पोड़ैयाहाट के बांझी रोड स्थित उसके किराए के मकान पर देर रात छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान उसे हिरासत में लेने के बाद पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया. तलाशी के दौरान मकान से करीब पांच लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं. बरामद नकदी और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके.

सीआईडी अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान भर्ती परीक्षा सिंडिकेट से जुड़े कई अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते हैं. जांच एजेंसी अब आरोपी के मोबाइल, डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है. गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद पोड़ैयाहाट सहित पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है. वहीं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर हलचल तेज हो गई है. 14वीं JPSC परीक्षा को लेकर पहले से चल रही जांच के बीच इस गिरफ्तारी को बेहद अहम माना जा रहा है. अब निगाहें सीआईडी की आगे की कार्रवाई और इस पूरे कथित परीक्षा सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों पर टिकी हैं.