राँची (RANCHI): राजधानी रांची के दशम फॉल थाना क्षेत्र में हुई कथित रोड रेज की घटना ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं. वायरल वीडियो के आधार पर इसे महिलाओं के साथ बदसलूकी और खुलेआम गुंडागर्दी का मामला बताया गया. विपक्ष ने भी इसे कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठाए. हालांकि पुलिस जांच, कंट्रोल रूम के रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की बातचीत के बाद अब इस पूरे मामले की तस्वीर कुछ अलग सामने आई है. शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि विवाद की शुरुआत सड़क दुर्घटना के बाद हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया.
जानकारी के अनुसार, जमशेदपुर से हजारीबाग जा रही एक कार में तीन महिलाएं और चालक सवार थे. जब वाहन दशम फॉल थाना क्षेत्र के पांचों गांव के पास पहुंचा, तब उसकी टक्कर आगे चल रही एक काले रंग की स्कॉर्पियो से हो गई. बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो में रांची के दो युवक सवार थे. टक्कर के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन रोककर बातचीत करना चाहते थे, लेकिन कार आगे बढ़ गई. इसके बाद स्कॉर्पियो सवारों ने कार का पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे रोक लिया.
घटना के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई. आरोप है कि गुस्से में स्कॉर्पियो सवार युवकों ने कार का शीशा तोड़ दिया. इसी दौरान कार में मौजूद महिलाओं ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसे महिलाओं के साथ बदसलूकी और हाईवे पर गुंडागर्दी की घटना के रूप में साझा किया जाने लगा.
महिलाओं ने आरोप लगाया था कि हेल्पलाइन पर सूचना देने के बावजूद पुलिस समय पर नहीं पहुंची. लेकिन पुलिस के आधिकारिक कंट्रोल रूम रिकॉर्ड के अनुसार पहली कॉल दोपहर 12:33 बजे प्राप्त हुई. इसके पांच मिनट बाद जिला कंट्रोल रूम को सूचना भेजी गई और 12:39 बजे दशम फॉल थाना को कार्रवाई का निर्देश दिया गया. पुलिस का दावा है कि बाइक सवार जवान कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गए थे और लगभग 10 मिनट के भीतर डायल-112 की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच गई. पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि हाईवे पेट्रोलिंग वाहन उस समय लगातार संबंधित मार्ग पर गश्त कर रहा था.
घटना का वीडियो सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं हाईवे पर खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेंगी तो राज्य में निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देने के दावे कमजोर पड़ेंगे. उन्होंने प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पुलिस की सक्रियता बढ़ाने की मांग की.
घटना के बाद स्थानीय लोगों और वरिष्ठ नागरिकों की पहल पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई. आपसी सहमति से लिखित समझौता किया गया. स्कॉर्पियो सवार पक्ष ने क्षतिग्रस्त कार की मरम्मत के लिए 30 हजार रुपये बतौर मुआवजा दिया, जबकि दूसरे पक्ष ने भी पुलिस में शिकायत नहीं करने पर सहमति जताई. राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी व्यक्ति को शारीरिक चोट नहीं आई. फिलहाल पुलिस पूरे मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है और वायरल वीडियो के आधार पर फैल रही भ्रामक जानकारी से बचने की अपील की है.