Jharkhand

भाजपा-कांग्रेस आमने सामने: टमाटर अंडों के बाद हुई पत्थरबाजी, पुलिस ने भांजी लाठी, पत्रकार भी घायल

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
भाजपा-कांग्रेस आमने सामने: टमाटर अंडों के बाद हुई पत्थरबाजी, पुलिस ने भांजी लाठी, पत्रकार भी घायल

रांची (RANCHI): NEET पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस द्वारा आयोजित भाजपा कार्यालय घेराव प्रदर्शन के दौरान राजधानी रांची में माहौल अचानक हिंसक हो गया. विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिसके बाद नारेबाजी, धक्का-मुक्की और देखते ही देखते पत्थरबाजी शुरू हो गई. हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा. घटना के बाद इलाके में काफी देर तक तनाव बना रहा और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया.

कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भाजपा कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि NEET पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार जवाब देने से बच रही है. इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को हटाने और आगे बढ़ने का प्रयास किया. पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी लगातार भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ते रहे. इस दौरान "धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो" और "नरेंद्र मोदी जवाब दो" जैसे नारे भी लगाए गए.

प्रदर्शन के बीच भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. आरोप है कि दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर टमाटर, अंडे, पानी की बोतलें और पत्थर फेंके गए. कुछ ही देर में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई शुरू हो गई. बैरिकेडिंग टूट गई और सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया. मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई.

हिंसक झड़प के दौरान एक मीडियाकर्मी भी पत्थर लगने से घायल हो गया. इसके अलावा पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भी धक्का-मुक्की हुई. हालात लगातार बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया. इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाया गया और पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया.

फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन घटनास्थल पर पुलिस की कड़ी निगरानी जारी है. प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रहा है और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज व अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है. इस घटना के बाद राजधानी में राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है और दोनों दल एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने के आरोप लगा रहे हैं.