Jharkhand

रांची स्टेडियम भगदड़ पर BJP का बड़ा हमला: JSCA अध्यक्ष पर FIR की उठी मांग, कहा- क्रिकेट नहीं, VIP कल्चर चला रहा है संगठन

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
रांची स्टेडियम भगदड़ पर BJP का बड़ा हमला: JSCA अध्यक्ष पर FIR की उठी मांग, कहा- क्रिकेट नहीं, VIP कल्चर चला रहा है संगठन

रांची (RANCHI): रांची स्टेडियम में हुई भगदड़ की घटना को लेकर भाजपा ने झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं. भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने घटना के लिए JSCA प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए अध्यक्ष अजय नाथ शाहदेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उन्हें तत्काल पद से हटाने की मांग की है. प्रेस वार्ता के दौरान अजय साह ने कहा कि पिछले कुछ समय से JSCA क्रिकेट गतिविधियों से ज्यादा विवादों और आरोपों को लेकर चर्चा में रहा है. उन्होंने दावा किया कि संगठन की कार्यप्रणाली और वित्तीय मामलों को लेकर पहले भी कई सवाल उठाए जा चुके हैं, लेकिन उन शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

भीड़ प्रबंधन पर उठाए सवाल
भाजपा ने पूछा कि जब पहले से बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना थी, तब अतिरिक्त पुलिस बल, आपदा प्रबंधन टीम और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई. पार्टी का कहना है कि हजारों लोगों को लंबे समय तक एक ही स्थान पर रोके रखा गया, जिससे हालात बेकाबू हो गए. अजय साह ने आरोप लगाया कि भीड़ नियंत्रण के लिए कोई प्रभावी रणनीति नहीं बनाई गई थी और पूरी जिम्मेदारी सीमित सुरक्षा कर्मियों और बाउंसरों पर छोड़ दी गई. उनका कहना है कि स्थिति बिगड़ने के बाद लोगों को सुरक्षित निकालने के बजाय बल प्रयोग किया गया, जिससे अफरातफरी और बढ़ गई.

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि आयोजन के दौरान आम दर्शकों की सुरक्षा से ज्यादा महत्व वीआईपी मेहमानों की व्यवस्था को दिया गया. उन्होंने कहा कि JSCA की प्राथमिकताएं क्रिकेट और दर्शकों की सुरक्षा के बजाय वीआईपी संस्कृति और दिखावे तक सीमित होती जा रही हैं.

भाजपा ने घटना की निष्पक्ष जांच के लिए किसी सीटिंग जज की निगरानी में न्यायिक जांच कराने की मांग की है. साथ ही भगदड़ में घायल हुए सभी लोगों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने और उनके इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार एवं JSCA द्वारा वहन करने की मांग भी की गई है. पार्टी का कहना है कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है. भाजपा ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक आयोजन से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारियों को उनके पदों से हटाया जाए और जवाबदेही तय की जाए.