Jharkhand

सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत! जरूरत पड़ने पर झारखंड में मिलेगा एक महीने का एडवांस वेतन

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड सरकार ने अपने स्थायी कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने विशेष परिस्थितियों में सरकारी कर्मियों को एक महीने का अग्रिम वेतन देने की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. इस फैसले से कर्मचारियों को आकस्मिक जरूरतों के समय आर्थिक सहायता मिल सकेगी.

नई व्यवस्था के तहत राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी आवश्यकता पड़ने पर एक महीने के वेतन के बराबर अग्रिम राशि प्राप्त कर सकेंगे. इस राशि को कर्मचारी बिना किसी ब्याज के दो महीने के भीतर वापस कर सकते हैं. यदि निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं हो पाती है, तो कर्मचारी को अगले 12 महीनों के भीतर सामान्य ब्याज के साथ किस्तों में भुगतान करना होगा.

सरकार के इस निर्णय का कर्मचारी संगठनों ने स्वागत किया है. झारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से ऐसी व्यवस्था की मांग की जा रही थी. उनका मानना है कि अचानक आने वाली पारिवारिक, सामाजिक या स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के समय यह सुविधा कर्मचारियों के लिए काफी मददगार साबित होगी. साथ ही उन्होंने त्योहारों के दौरान भी अग्रिम वेतन की अलग व्यवस्था करने की मांग दोहराई है.

हालांकि इस योजना का लाभ केवल राज्य सरकार के स्थायी कर्मचारियों को ही मिलेगा. संविदा, आउटसोर्सिंग कर्मी और पेंशनभोगी इस सुविधा के दायरे में नहीं होंगे. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक पहले लिया गया अग्रिम वेतन पूरी तरह वापस नहीं किया जाता, तब तक कर्मचारी दूसरी बार इस सुविधा का लाभ नहीं उठा सकेंगे.

राज्य में सरकारी सेवाओं की स्थिति पर नजर डालें तो विभिन्न विभागों में लगभग 5.33 लाख पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में करीब 1.83 लाख नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं. इसके अलावा लगभग 1.60 लाख संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मी भी विभिन्न स्तरों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. ऐसे में यह फैसला बड़ी संख्या में नियमित कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, लेकिन संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों को इससे बाहर रखे जाने पर चर्चा भी शुरू हो गई है. सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था कर्मचारियों को आपातकालीन आर्थिक जरूरतों से निपटने में मदद करेगी और उन्हें महंगे कर्ज या अन्य वित्तीय दबावों से बचाएगी.