Jharkhand

बड़ी खबर: परीक्षा घोटाला मामले में मास्टरमाइंड अभय तिवारी की पत्नी और भाई की बढ़ी मुश्किलें, खारिज हुई जमानत याचिका

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): झारखंड की बहुचर्चित JPSC और JSSC परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक कराने के मुख्य आरोपी अभय तिवारी के पूरे परिवार की मुश्किलें अब और गहरी होती जा रही हैं. सीआईडी (CID) द्वारा इस मामले में लगातार शिकंजा कसा जा रहा है, जिससे आरोपियों के लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं.

सीआईडी ने JSSC CGL परीक्षा से जुड़े मामले (कांड संख्या 1/2025) में अगस्त महीने में अभय तिवारी के भाई अक्षय तिवारी और उसकी पत्नी सुषमा को गिरफ्तार किया था. अब सीआईडी कोर्ट ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे फिलहाल उन्हें जेल से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है.

इसके साथ ही, सीआईडी ने अक्षय तिवारी और सुषमा को JPSC परीक्षा घोटाला मामले (कांड संख्या 16/2026) में भी रिमांड पर गिरफ्तार कर लिया है. यानी अब यह दोनों पति-पत्नी JSSC के बाद JPSC पेपर लीक मामले में भी आधिकारिक रूप से आरोपी बना दिए गए हैं.

जुलाई में गिरफ्तार हुआ था मुख्य सरगना अभय तिवारी

इस पूरे सनसनीखेज परीक्षा घोटाले के मास्टरमाइंड अभय तिवारी को सीआईडी ने सबसे पहले जुलाई महीने में गिरफ्तार किया था. उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच के दौरान मिले पुख्ता सबूतों और गवाहों के स्टेटमेंट के आधार पर शिकंजा कसते हुए उसके परिवार के सदस्यों को भी इस अवैध नेटवर्क में शामिल पाया गया. फिलहाल, सीआईडी इस पूरे सिंडिकेट और वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है.