रांची(RANCHI): झारखंड की राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक तपिश बढ़ती जा रही है. कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के प्रस्तावक के आपत्ति के बाद निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन को लेकर सस्पेंस बना.बुधवार को लंबी बहस के बाद शाम 6 बजे आधिकारिक रूप से यह पुष्टि हुई की नाथवानी का नामांकन वैध है. साथ ही कांग्रेस उम्मीदवार के प्रस्तावक की आपत्ति को खारिज किया गया.अब कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय के समक्ष धरना दे सकते है.
बता दे कि राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड में राजनीतिक पारा लगातार चढ़ा हुआ है. नामांकन पत्रों की जांच के दौरान परिमल नाथवानी के नाम को लेकर तकनीकी आपत्ति सामने आई थी. कुछ दस्तावेजों में उनका नाम "परिमल नाथवानी" दर्ज था, जबकि कुछ अभिलेखों में "नाथवानी परिमल" लिखा गया था. इसी नामगत अंतर को आधार बनाकर कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई थी. आपत्ति के बाद रिटर्निंग ऑफिसर के पास दोनों पक्षों के अधिवक्ता ने पक्ष रखा. जिसके बाद शाम 6 बजे यह साफ हुआ की नाथवानी का नामांकन वैध है और कोई त्रुटि नहीं है.
नाथवानी के नामांकन को स्वीकर होने की खबर के साथ ही कांग्रेस ने सवाल उठाया है. आखिर मध्यप्रदेश में एक शिकायत के बाद नामांकन रद्द कर दिया गया. जबकि यहां भाजपा समर्थित उम्मीदवार के नामांकन को स्वीकार किया जाता है जबकि उनके दस्तावेज में कई गालियां थी. यह सीधे सीधे लोकतंत्र की हत्या है. चुनाव आयोग भाजपा का एजेंट बन कर काम कर रहा है. लेकिन कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करेगी. लोकतान्त्रिक देश में हिटलर की राजनीति नहीं चलने देंगे.
गौरतलब है कि झारखंड से राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होना है, जबकि मैदान में तीन उम्मीदवार हैं. भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के अलावा महागठबंधन की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा चुनावी मैदान में हैं. ऐसे में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है.
