Jharkhand

बड़ी खबर: JPSC भर्ती घोटाले के किंगपिन अभय तिवारी को कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

रांची (RANCHI): झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मामले में आरोपी या यूं कहें किंगपिन अभय तिवारी को अदालत से आज बड़ा झटका लगा है. असल में जेल में बंद अभय तिवारी की जमानत याचिका अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने खारिज कर दी है. ऐसे में अदालत के इस फैसले के बाद आरोपी की न्यायिक हिरासत फिलहाल जारी रहेगी.  बताते चलें कि अभय तिवारी की जमानत याचिका पर मंगलवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज इस फैसले को सुनाया गया है. सुनवाई के दौरान CID ने जमानत का विरोध करते हुए अभय तिवारी को मामले का मुख्य सूत्रधार बताया और यह दलील भी दी की उनकी जमानत से जांच प्रभावित हो सकती है.  

जांच एजेंसी का आरोप है कि TDPL में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर रहते हुए अभय तिवारी ने कथित तौर पर अभ्यर्थियों से संपर्क किया और नौकरी दिलाने के नाम पर पैसों के लेनदेन में भूमिका निभाई. CID ने अदालत के सामने यह भी दलील दी कि आरोपी के बाहर आने से जांच प्रभावित होने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका बनी रह सकती है. जांच एजेंसी के मुताबिक, मामले में अभय तिवारी के नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है.

मामले की गंभीरता और जांच एजेंसी की ओर से रखे गए तथ्यों को देखते हुए अदालत ने अभय तिवारी को फिलहाल जमानत देने से इनकार कर दिया. इसके साथ ही उसकी न्यायिक हिरासत जारी रखने का फैसला बरकरार रहा. JPSC परीक्षा विवाद से जुड़े इस मामले में इससे पहले आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की जमानत याचिका भी अदालत खारिज कर चुकी है. ऐसे में अभय तिवारी की जमानत याचिका खारिज होना जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है.