रांची (RANCHI): झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. नामांकन पत्रों की जांच के दौरान जहां झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए, वहीं निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन पर तकनीकी आपत्ति के कारण संशय की स्थिति बन गई है. अब इस मामले पर अंतिम फैसला बुधवार को सुनवाई के बाद लिया जाएगा.
नाम में अंतर बना विवाद की वजह
नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी के दौरान परिमल नाथवानी के दस्तावेजों में नाम को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई. कुछ दस्तावेजों में उनका नाम "परिमल नाथवानी" दर्ज है, जबकि कुछ अभिलेखों में "नाथवानी परिमल" लिखा गया है. इसी अंतर को आधार बनाते हुए आपत्ति दाखिल की गई, जिसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उनके नामांकन पर फिलहाल निर्णय सुरक्षित रखते हुए उसे होल्ड पर रख दिया.
मामले की जानकारी मिलते ही परिमल नाथवानी विधानसभा सचिवालय पहुंचे और रिटर्निंग ऑफिसर सह प्रभारी सचिव रंजीत कुमार के समक्ष अपना पक्ष रखा. इस दौरान कानूनी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई. गौरतलब है कि निर्दलीय उम्मीदवार होने के बावजूद भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी विधानसभा सचिवालय पहुंचे और पूरी प्रक्रिया पर नजर बनाए रखी. इससे राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
राज्यसभा चुनाव के लिए जेएमएम उम्मीदवार बैजनाथ राम और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के नामांकन पत्रों की जांच पूरी कर ली गई है. दोनों के दस्तावेज सही पाए गए हैं, जिसके बाद उनकी उम्मीदवारी को आधिकारिक तौर पर मंजूरी मिल गई है.
रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन पर दर्ज आपत्ति की सुनवाई बुधवार सुबह 11 बजे तय की है. सुनवाई के दौरान परिमल नाथवानी या उनके अधिकृत प्रतिनिधि को उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नाम में पाए गए अंतर को महज तकनीकी त्रुटि माना जाएगा या यह विवाद उनकी चुनावी राह में बड़ी बाधा बन सकता है.
