रांची (RANCHI): झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मामले में अपनी जांच तेज करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रामेश्वर उरांव, उनके बेटे रोहित उरांव तथा वरिष्ठ IAS अधिकारी अमित प्रकाश को पूछताछ के लिए समन जारी किया है. एजेंसी ने सभी को निर्धारित तिथि पर उपस्थित होने और जांच से जुड़े आवश्यक दस्तावेज साथ लाने का निर्देश दिया है.
सूत्रों के अनुसार, ईडी को संदेह है कि झारखंड की नई शराब नीति और लाइसेंस प्रक्रिया के दौरान कुछ निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने में प्रभावशाली लोगों की भूमिका रही हो सकती है. इसी कड़ी में अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए एजेंसी ने कई अहम नामों को पूछताछ के लिए बुलाया है.
ईडी ने समन के साथ संबंधित लोगों को विभिन्न वित्तीय और प्रशासनिक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है. जांच एजेंसी इस पहलू की पड़ताल कर रही है कि छत्तीसगढ़ से जुड़ी कुछ कंपनियों को झारखंड में कारोबार का अवसर दिलाने में किन लोगों की भूमिका रही. सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी विशेष रूप से इस पूरे घटनाक्रम में रोहित उरांव की कथित भूमिका की भी जांच कर रही है.
बताया जा रहा है कि ईडी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में दर्ज कांड संख्या 9/2025 को अपने हाथ में लेकर ECIR संख्या 10/2025 दर्ज की थी. इसके बाद एजेंसी ने मामले की मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच शुरू की और जेल में बंद कुछ आरोपियों से भी पूछताछ की.
बता दें कि एसीबी ने पिछले वर्ष मई में शराब घोटाले को लेकर प्राथमिकी दर्ज की थी. उस मामले में वरिष्ठ IAS अधिकारी विनय चौबे, उत्पाद विभाग के तत्कालीन संयुक्त सचिव गजेंद्र सिंह, विनय सिंह समेत कुल 10 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था. अब ईडी की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में नए नाम भी सामने आ रहे हैं. एजेंसी वित्तीय लेन-देन, नीति निर्माण और कथित अनियमितताओं के हर पहलू की गहन जांच कर रही है.
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को काफी अहम माना जा रहा है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि रामेश्वर उरांव, रोहित उरांव और IAS अमित प्रकाश से पूछताछ के दौरान जांच एजेंसी को क्या नई जानकारी मिलती है और क्या इस मामले में आगे और बड़े खुलासे होते हैं.