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Jharkhand

BIG BREAKING: जमीन घोटाला मामले में आरोप गठन के फैसले से पहले हाईकोर्ट पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन

Samir Hussain
Samir Hussain
सीनियर रिपोर्टर

रांची (RANCHI): रांची के बड़गाई अंचल से जुड़ी 8.86 एकड़ जमीन घोटाले मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हाई कोर्ट पहुंच गए हैं. उन्होंने PMLA कोर्ट में आरोप गठन के खिलाफ चल रही सुनवाई को चुनौती दी है, जिसमें अब याचिका हाई कोर्ट में लिस्टेड होने के बाद सुनवाई होगी. इधर आरोप गठन पर PMLA की विशेष अदालत में हेमंत सोरेन के खिलाफ कोर्ट 30 तारीख को निर्णय ले सकती है. लेकिन इस बीच अब हाई कोर्ट का सीएम ने रुख किया है.

दरअसल मामला बड़गाई अंचल से जुड़ी जमीन का है. जिसमें सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ कोर्ट में ईडी ने कई साक्ष्य पेश किया है. आरोप गठन में बचाव पक्ष और ईडी की ओर से कोर्ट में लंबी बहस चली. और आखिर में 25 सितंबर को कोर्ट में सुनवाई हुई जिसमें सीएम हेमंत सोरेन ने कोर्ट से समय की मांग की थी और कोर्ट को बताया है कि उनके खिलाफ कोर्ट में पेश किए गए 22 पन्ने के दस्तावेज का अध्ययन करेंगे. जिसके बाद कोर्ट ने पाँच दिनों का समय दिया और 30 सितंबर की तारीख तय की थी. लेकिन कोर्ट ने साफ किया था की ईडी की ओर से दिए गए तथ्य और बचाव पक्ष की दलील को सुन लिया गया. जिसमें अब आरोप गठन किया जाएगा.

बता दे कि मामला रांची में जमीन घोटाले से जुड़े मामले में ईडी की जांच 2023 में शुरू हूई थी. सेना की जमीन कब्जे से शुरू हुई कहानी बड़गाई अंचल से जुड़ी एक 8.86 एकड़ जमीन तक पहुंची. जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ईडी ने पूछताछ किया था. और आखिर में 31 जनवरी को सीएम हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया था.

इस कहानी में एक अहम कड़ी एक फाइल साबित हुई थी. जिसमें ईडी ने दावा किया था की बड़गाई अंचल से जुड़े अधिकारियों के ठिकाने और रजिस्टार कार्यालय में हुई छापेमारी में कई दस्तावेज मिले. जिसमें एक फाइल सीएम अर्जेंट लिखी थी और इस फाइल में दस्तावेज बड़गाई की जमीन का था. जिसके बाद ईडी ने जांच को आगे बढ़ाया और आखिर में सीएम तक पहुंच गई.

लेकिन बाद में हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बेल दिया था. जिसके बाद से इस केस में कई सुनवाई हो चुकी है और केस में हेयरिंग पूरी होने के बाद सीएम के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया जारी है इसके बाद सजा पर कोर्ट पहुंचेगी. लेकिन अब केस और भी लंबा जा सकता है. साथ ही सभी की नजर हाई कोर्ट पर टिकी है.