रांची (RANCHI): झारखंड की आदिवासी नेत्री निशा भगत ने कथित तौर पर मानसिक तनाव और लगातार हो रही बदनामी से आहत होकर आत्महत्या कर लिया है. घटना से पहले उन्होंने पिठोरिया थाना प्रभारी को फोन किया और लाइव वीडियो के दौरान अपनी जिंदगी खत्म करने की बात कही. सूचना मिलने के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया है.
आत्मघाती कदम उठाने से पहले किए गए लाइव वीडियो में निशा भगत काफी भावुक और परेशान नजर आ रही थीं. उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में उनके साथ कोई खड़ा नहीं है और वह लंबे समय से अकेले संघर्ष कर रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनके इस कदम से माता-पिता को गहरा दुख पहुंचेगा. वीडियो में वह खुद को किसी का दलाल बताए जाने पर नाराजगी जाहिर करती सुनाई दे रही थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बदनाम करने वालों के खिलाफ शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई.
बताते चलें कि निशा भगत आदिवासी समाज के अधिकारों और हितों की आवाज बुलंद करने वाली नेत्री के रूप में जानी जाती हैं. सरना धर्म से जुड़े मुद्दों पर भी वह लगातार अपनी बात रखती रही हैं. पिछले वर्ष सरना धर्म के समर्थन में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से अपना सिर मुंडवाकर चर्चा बटोरी थी.
