Jharkhand

रिम्स में खत्म होगी बेड की मारामारी, न्यूरोसर्जरी विभाग का विस्तार शुरू, मिलेंगे 70 नए बेड

Varsha Varma CE
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रिम्स में खत्म होगी बेड की मारामारी, न्यूरोसर्जरी विभाग का विस्तार शुरू, मिलेंगे 70 नए बेड

रांची(RANCHI) : राजधानी स्थित रिम्स के न्यूरोसर्जरी विभाग में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है. लंबे समय से बेड की कमी से जूझ रहे इस विभाग का विस्तार किया जा रहा है. अस्पताल प्रशासन ने नेत्र रोग विभाग के दो वार्डों को स्थायी रूप से न्यूरोसर्जरी विभाग को आवंटित करने का निर्णय लिया है. इन वार्डों के नवीनीकरण और पुनर्निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है, जिसे अगले दो से तीन महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

निर्माण कार्य पूरा होने के बाद न्यूरोसर्जरी विभाग में 60 से 70 ज्यादा बेड जुड़ जाएंगे. इससे गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारियों से पीड़ित मरीजों को समय पर भर्ती होने और बेहतर उपचार की सुविधा मिलेगी. साथ ही मरीजों को फर्श पर गद्दा बिछाकर इलाज कराने जैसी समस्याओं से भी राहत मिलेगी.

रिम्स का न्यूरोसर्जरी विभाग झारखंड का सबसे बड़ा न्यूरो सेंटर माना जाता है. यहां न केवल झारखंड बल्कि बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. वर्तमान में विभाग में लगभग 100 बेड वाले वार्ड और 40 से 50 बेड का आईसीयू उपलब्ध है. इसके बावजूद मरीजों की संख्या इतनी अधिक रहती है कि कई बार गंभीर मरीजों को भी बेड नहीं मिल पाता और उन्हें फर्श पर रखकर उपचार करना पड़ता है.

बेड की कमी का असर केवल मरीजों पर ही नहीं, बल्कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर भी पड़ता है. फर्श पर भर्ती मरीजों की निगरानी, दवाओं का वितरण और नियमित जांच में मुश्किलों  का सामना करना पड़ता है. आपात स्थिति में मरीज तक तुरंत पहुंचना भी चुनौती बन जाता है.

अस्पताल प्रबंधन विभाग को आधुनिक बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है. हाल के दिनों में करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित किए गए हैं. इसके अलावा वेंटिलेटर और अन्य आवश्यक मशीनों की संख्या बढ़ाने की भी योजना है. विभाग के विस्तार से न केवल इलाज की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि राज्य और पड़ोसी राज्यों से आने वाले हजारों मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा.