रांची (RANCHI): बड़गांई की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के मामले में मुख्यमंत्री की ओर से दायर दो याचिकाओं पर बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इनमें एक याचिका PMLA कोर्ट द्वारा डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने के खिलाफ है, जबकि दूसरी बिना अभियोजन स्वीकृति के संज्ञान लेने के आदेश को चुनौती देती है. दोनों मामलों में अब 4 नवंबर को अगली सुनवाई होगी.
डिस्चार्ज पिटीशन खारिज किए जाने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपना जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा है. वहीं, बिना अभियोजन स्वीकृति के संज्ञान लेने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका में मुख्यमंत्री की ओर से समय की मांग की गई. इस मामले में ईडी पहले ही अपना जवाब दाखिल कर चुका है. बताते चलें कि सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखा. अब दोनों याचिकाओं पर 4 नवंबर को आगे की सुनवाई होगी.
इस मामले में ईडी की विशेष अदालत 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन कर चुकी है. इनमें राजस्वकर्मी भानु प्रताप प्रसाद, झामुमो नेता अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरशाद अख्तर, अफसर अली और मोहम्मद सद्दाम हुसैन समेत अन्य आरोपी शामिल हैं.
बता दें कि बड़गांई की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े की जांच के दौरान ईडी ने कई बार कार्रवाई की थी. इस क्रम में झामुमो नेता अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह और जमीन कारोबार से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी. ऐसे में अब जांच पूरी करने के बाद ईडी ने आरोपियों के खिलाफ PMLA कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया था. फिलहाल मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया जारी है और हाईकोर्ट में मुख्यमंत्री की दोनों याचिकाओं पर अगली सुनवाई 4 नवंबर को निर्धारित की गई है.
