रांची (RANCHI): झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले में दो आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली है. परीक्षा में अभ्यर्थियों को कथित तौर पर मदद पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार एजेंट मिथलेश कुमार पांडेय और मनु कुमार सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है. अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद जमानत देने से इनकार कर दिया.
मिली जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपियों ने 5 अक्टूबर को अदालत में जमानत याचिका दाखिल की थी. हालांकि, सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं. इस फैसले के बाद फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत राहत नहीं मिल सकी है. जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की कार्रवाई के बीच अदालत का यह फैसला आया है.
सीआईडी ने इस मामले में मिथलेश कुमार पांडेय को 3 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था. वहीं, मनु कुमार सिंह की गिरफ्तारी 5 अक्टूबर को हुई थी. जांच एजेंसी को दोनों पर परीक्षा में शामिल कई अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से सहायता पहुंचाने का आरोप है. एजेंसी इस मामले में कथित तौर पर परीक्षा की तैयारी के नाम पर अभ्यर्थियों को प्रश्नों और उनके उत्तरों से पहले ही अवगत कराने की भूमिका की जांच कर रही है.
जांच में सामने आए आरोपों के मुताबिक, मिथलेश कुमार पांडेय और मनु कुमार सिंह ने धनबाद और बोकारो में कुछ अभ्यर्थियों को प्रश्न और उनके उत्तर रटवाए थे. आरोप है कि इस तरीके से परीक्षार्थियों को परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी पूरे प्रकरण की जांच कर रही है.
