Jharkhand

ध्यान दें! ऐसे भरना है एन्यूमरेशन फॉर्म, जानें पूरी प्रक्रिया, वरना हट सकता है नाम

Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor
ध्यान दें! ऐसे भरना है एन्यूमरेशन फॉर्म, जानें पूरी प्रक्रिया, वरना हट सकता है नाम

रांची (RANCHI): झारखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने के लिए चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) अभियान शुरू किया है. यह विशेष अभियान 30 जून से 29 जुलाई तक चलेगा. इस दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और उनसे एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाएंगे. आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची से मृत और डुप्लिकेट नाम हटाकर हर पात्र नागरिक का नाम सुनिश्चित करना है.

हर मतदाता को भरना होगा एन्यूमरेशन फॉर्म
यदि आपका नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज है, तब भी आपको यह फॉर्म भरना होगा. वहीं, जो लोग पहली बार मतदाता बनना चाहते हैं, उनके लिए भी यह प्रक्रिया अनिवार्य है. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई पात्र मतदाता निर्धारित समय के भीतर सत्यापन नहीं कराता है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है. इसलिए सभी नागरिकों से समय रहते फॉर्म भरने की अपील की गई है.

फॉर्म में देनी होगी ये जरूरी जानकारी
एन्यूमरेशन फॉर्म दो हिस्सों में तैयार किया गया है. पहले भाग में मतदाता का नाम, EPIC (वोटर आईडी) नंबर, पिता या पति का नाम, जिला, विधानसभा क्षेत्र, मतदान केंद्र और मतदाता सूची में दर्ज क्रम संख्या जैसी मूल जानकारी भरनी होगी. दूसरे भाग में जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, माता-पिता का विवरण, पति या पत्नी का EPIC नंबर (यदि लागू हो), हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान और फॉर्म भरने की तारीख दर्ज करनी होगी. आयोग ने साफ किया है कि आधार नंबर देना पूरी तरह वैकल्पिक है, इसे देना अनिवार्य नहीं है.

पुराने रिकॉर्ड से होगा मिलान
फॉर्म जमा होने के बाद चुनाव आयोग उपलब्ध रिकॉर्ड से सभी जानकारियों का मिलान करेगा. यदि किसी मतदाता की जानकारी पुराने रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती या कोई संदेह उत्पन्न होता है, तो संबंधित इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) नोटिस जारी करेगा. इसके बाद संबंधित व्यक्ति को अपनी पात्रता साबित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे.

किन दस्तावेजों की पड़ सकती है जरूरत
जरूरत पड़ने पर मतदाता जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मैट्रिक या अन्य शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी पहचान पत्र, परिवार रजिस्टर, वन अधिकार प्रमाण पत्र, भूमि या आवास आवंटन से जुड़े सरकारी दस्तावेज अथवा चुनाव आयोग द्वारा मान्य अन्य प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं.

BLO घर-घर पहुंचकर करेंगे सत्यापन
चुनाव आयोग ने इस अभियान को आसान बनाने के लिए बूथ लेवल ऑफिसरों को घर-घर भेजने का फैसला किया है. BLO प्रिंटेड एन्यूमरेशन फॉर्म लेकर मतदाताओं के घर पहुंचेंगे. मतदाता चाहें तो स्वयं फॉर्म भर सकते हैं या BLO की मदद से इसे पूरा कर सकते हैं. फॉर्म भरने के बाद हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लगाकर उसे BLO को ही सौंपना होगा.

फॉर्म भरते समय रखें इन बातों का ध्यान
आयोग ने मतदाताओं को सलाह दी है कि जन्मतिथि सही प्रारूप में दर्ज करें, EPIC नंबर की दोबारा जांच करें और मोबाइल नंबर सही लिखें ताकि भविष्य में आयोग की ओर से भेजी जाने वाली सूचनाएं समय पर मिल सकें. साथ ही परिवार के किसी भी पात्र सदस्य का नाम छूटने न पाए, इसका भी विशेष ध्यान रखें.

आदिवासी और दूरस्थ इलाकों के लिए विशेष व्यवस्था
चुनाव आयोग ने कहा है कि आदिवासी और दूर-दराज क्षेत्रों के ऐसे लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, जिनके पास सभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं. यदि उनका नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज है, तो मौजूदा रिकॉर्ड के आधार पर भी सत्यापन किया जा सकेगा. स्थानीय भाषा या दस्तावेज संबंधी किसी भी समस्या के समाधान के लिए BLO, BLA और पंचायत स्तर के हेल्पडेस्क सहायता उपलब्ध कराएंगे.

राज्य से बाहर रहने वाले मतदाता भी करें यह काम
जो लोग नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से झारखंड से बाहर रह रहे हैं, वे भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं. ऐसे मतदाता ऑनलाइन वोटर पोर्टल के माध्यम से फॉर्म भर सकते हैं. यदि वे स्वयं उपलब्ध नहीं हैं, तो परिवार का कोई सदस्य भी उनकी ओर से यह प्रक्रिया पूरी कर सकता है.

29 जुलाई से पहले पूरा करें सत्यापन
चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि 29 जुलाई से पहले अपना एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर जमा कर दें. समय पर सत्यापन कराने से मतदाता सूची में आपका नाम सुरक्षित रहेगा और भविष्य में मतदान के अधिकार से जुड़ी किसी भी परेशानी से बचा जा सकेगा. यह अभियान राज्य की मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.