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Jharkhand

मंईयांओं के बाद अब सहियाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, त्योहार से पहले एक साथ मिलेगी 6 माह की बकाया राशि

Shreya Upadhyay  CE
Shreya Upadhyay CE
Content Writer & Copy Editor

टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड सरकार मंईयांओं के साथ-साथ अब साहिया दीदियों पर भी महरबान है क्योंकि 42 हजार से अधिक सहियाओं को उनकी बकाया राशि मिलने जा रही है. दरअसल राज्य सरकार ने उनकी छह माह की बकाया प्रोत्साहन राशि के भुगतान के लिए करीब 52 करोड़ रुपये जारी कर दिये हैं. स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने झारखंड स्वास्थ्य प्रहरी योजना के तहत यह राशि सभी जिलों को आवंटित की है. अब संबंधित जिलों को पात्र सहियाओं के बैंक खातों में जल्द से जल्द राशि भेजने का निर्देश दिया गया है.

जारी की गयी राशि कुल 51 करोड़ 91 लाख 35 हजार 888 रुपये है. इससे अप्रैल से सितंबर 2026 तक की छह माह की बकाया प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाना है. योजना के तहत पात्र सहियाओं को हर महीने 2 हजार रुपये प्रोत्साहन भत्ता मिलता है. इस हिसाब से प्रत्येक पात्र सहिया के खाते में छह महीने के लिए कुल 12 हजार रुपये भेजे जायेंगे.

स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि दुर्गापूजा का अवकाश शुरू होने से पहले पात्र सहियाओं के बैंक खातों में पूरी राशि जमा करा दी जाये. इसके लिए जिलों को आवंटित राशि का शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया है. सहियाओं को पिछले कई महीनों से प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने के कारण भुगतान में देरी का मुद्दा स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में उठा था.

मंगलवार को हुई स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में सहियाओं के बकाया भुगतान पर चर्चा हुई. इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने छह महीने की राशि एकमुश्त जारी करने का निर्देश दिया. बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह भी मौजूद थे. इसके बाद विभागीय अधिकारियों की पहल पर एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने राज्यांश से विशेष प्रावधान के तहत 51.91 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जिलों को हस्तांतरित की.

स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि सहियाएं ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं. स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका है. ऐसे में उन्हें हर महीने समय पर प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है. राशि जारी होने के बाद अब जिलों की जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर पात्र सहियाओं के खातों में भुगतान करें. सरकार की इस पहल से राज्य की हजारों सहियाओं को दुर्गापूजा से पहले छह महीने का बकाया प्रोत्साहन भत्ता मिलने की उम्मीद है.