Jharkhand

रांची: पहाड़ी मंदिर में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, सुबह 4 बजे खुलेंगे बाबा भोलेनाथ के कपाट

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Senior News Publisher • TheNewsPost.in

रांची (RANCHI): सावन की पहली सोमवारी पर रांची का पहाड़ी मंदिर शिवभक्तों की आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बनेगा. सोमवार तड़के से ही हजारों श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचेंगे. इसे देखते हुए मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं. मंदिर के पट सुबह 4 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, जबकि इससे पहले सुबह 3:30 बजे मंगला आरती होगी.

सुबह से शुरू होगा जलाभिषेक

श्रावणी सोमवारी पर बड़ी संख्या में कांवरिये और शिवभक्त गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, दूध और पूजन सामग्री के साथ बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे. मंदिर परिसर पूरे दिन हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजता रहेगा. हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है.

सावन में शिव पूजा का विशेष महत्व

हिंदू धर्म में श्रावण मास को भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. मान्यता है कि सावन की सोमवारी पर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. इसी वजह से पहली सोमवारी पर मंदिर में विशेष पूजा और आरती की व्यवस्था की गई है.

सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम

श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं. मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में प्रतिदिन 125 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गई है और अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात रहेगा. यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया गया है.

500 मीटर पहले से वाहनों की नो एंट्री

रांची नगर निगम ने भी सावन को लेकर पहाड़ी मंदिर और आसपास के इलाकों में विशेष सफाई अभियान चलाया है. नालियों की सफाई, पेयजल, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं. प्रशासन ने मंदिर से करीब 500 मीटर पहले ही बैरिकेडिंग कर दी है. इस सीमा के आगे किसी भी वाहन को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम तरीके से दर्शन कराए जा सकें.