टीएनपी डेस्क (TNP DESK): झारखंड में मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और त्रुटिरहित बनाने के लिए आज से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू हो गया है. इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) राज्यभर में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे और इन्यूमरेशन फॉर्म भरवाएंगे. इस प्रक्रिया में नए मतदाताओं का पंजीकरण होगा, वहीं मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट नामों की भी पहचान की जाएगी. ऐसे में हर मतदाता के लिए यह जानना जरूरी है कि BLO किन जानकारियों की पुष्टि करेंगे और इस अभियान का उद्देश्य क्या है.
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत राज्य के सभी BLO प्रत्येक परिवार तक पहुंचेंगे और पहले से आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे. मतदाता को इसमें आवश्यक जानकारी भरकर हस्ताक्षर करने होंगे और एक प्रति BLO को सौंपनी होगी, जबकि दूसरी प्रति रसीद के रूप में अपने पास सुरक्षित रखनी होगी. जिन मतदाताओं के फॉर्म समय पर जमा हो जाएंगे, उनके नाम 5 अगस्त को जारी होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे.
राज्य में कुल 2.64 करोड़ से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं. इनमें से अब तक करीब 2.17 करोड़ मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि लगभग 47.42 लाख मतदाताओं का सत्यापन अभी बाकी है. अभियान के दौरान उन लोगों की भी पहचान की जाएगी, जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज हैं, जो स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले गए हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है.
इन्यूमरेशन फॉर्म में विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या, EPIC (मतदाता पहचान पत्र) नंबर, मतदाता का नाम, माता-पिता या पति-पत्नी का नाम, जन्म तिथि अथवा आयु, लिंग और पूरा पता दर्ज किया जाएगा. इसके अलावा मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी (यदि उपलब्ध हो) भी मांगी जाएगी. मतदाता को यह घोषणा भी करनी होगी कि वह दिए गए पते पर सामान्य रूप से निवास करता है और भारत का नागरिक है. परिवार के मुखिया और परिवार के अन्य मतदाताओं का विवरण भी फॉर्म में शामिल किया जाएगा.
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि सामान्य परिस्थितियों में मतदाताओं को कोई दस्तावेज जमा नहीं करना होगा. जरूरत पड़ने पर BLO केवल मूल दस्तावेज देखकर विवरण का मिलान करेंगे, लेकिन किसी भी दस्तावेज को अपने पास नहीं रखेंगे. वहीं बिना हस्ताक्षर के जमा किए गए फॉर्म मान्य नहीं होंगे और फर्जी जानकारी देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.
यह अभियान 29 जुलाई तक चलेगा. इसके बाद 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. सूची जारी होने के बाद मतदाता निर्धारित अवधि के भीतर अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे, जिसके बाद आवश्यक संशोधन कर अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी.
इस विशेष अभियान के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नए पात्र नागरिकों का भी पंजीकरण किया जाएगा. साथ ही जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, जो स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर चले गए हैं या जिनके नाम दोहराव में दर्ज हैं, उनका रिकॉर्ड भी अपडेट किया जाएगा. निर्वाचन आयोग का कहना है कि इस पूरी कवायद का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, सटीक और विश्वसनीय बनाना है, ताकि केवल पात्र और वास्तविक मतदाताओं के नाम ही अंतिम सूची में शामिल रहें.
