Jharkhand

झारखंड में 6.29 लाख राशन कार्डधारक मिले अपात्र, 1.63 लाख के कार्ड रद्द, बाकी पर कार्रवाई जारी

Saumya Shukla
Saumya Shukla
Reporter | Copy Editor

रांची(RANCHI): झारखंड में सरकारी राशन का गलत तरीके से लाभ उठा रहे लोगों पर कार्रवाई तेज हो गई है. जांच में राज्य के 6.29 लाख से ज्यादा राशन कार्डधारक अपात्र पाए गए हैं. इनमें से करीब 1.63 लाख लोगों के राशन कार्ड अब तक रद्द किए जा चुके हैं. हालांकि, अभी भी करीब 4.66 लाख लोगों पर कार्रवाई बाकी है. राज्य के खाद्य आपूर्ति विभाग ने सभी जिलों को 25 अगस्त तक जांच और कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया है.

डिजिटल जांच से सामने आ रहे अपात्र लाभुक

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम यानी NFSA के तहत राशन कार्डधारकों की जांच की जा रही है. केंद्र की NFSA 2 व्यवस्था में डिजिटल वेरिफिकेशन के साथ अलग-अलग सरकारी डेटाबेस से लाभुकों की जानकारी का मिलान किया जा रहा है.

इसी जांच के आधार पर केंद्र के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने झारखंड में 6,29,973 अपात्र लाभुकों के राशन कार्ड निरस्त करने का निर्देश दिया है.

अब तक 26% कार्ड हुए रद्द

सरकार की कार्रवाई में अब तक करीब 1.63 लाख अपात्र कार्डधारकों के नाम हटाए गए हैं. यह कुल चिह्नित लोगों का करीब 26 प्रतिशत है. अभी 4.66 लाख से अधिक मामलों में कार्रवाई होनी बाकी है.

खाद्य आपूर्ति विभाग के सचिव ने सभी जिलों के उपायुक्तों को तय समय के अंदर कार्रवाई पूरी करने को कहा है.

समय पर नाम नहीं हटे तो अनाज का कोटा हो सकता है प्रभावित

केंद्र सरकार ने राज्य को 31 अगस्त तक अपात्र लाभुकों के नाम हटाने को कहा है. ऐसा नहीं होने पर बचे हुए अपात्र लाभुकों की संख्या के अनुपात में झारखंड को मिलने वाले अनाज के कोटे पर असर पड़ सकता है. इसी वजह से राज्य स्तर पर कार्रवाई में तेजी लाई गई है.

सरकारी कर्मचारी और आयकरदाता भी ले रहे थे मुफ्त राशन

जांच में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं. अपात्र लोगों में 1,272 सरकारी कर्मचारी और 1,84,810 आयकरदाता शामिल हैं.

इसके अलावा 15,493 बड़े कारोबारी और 13,087 कंपनियों के मालिक भी राशन का लाभ ले रहे थे. जांच में 21,442 चारपहिया वाहन मालिकों के नाम भी सामने आए हैं.

1.10 लाख से ज्यादा डुप्लीकेट कार्ड मिले

सरकारी जांच में 1,10,142 डुप्लीकेट राशन कार्डधारकों की पहचान भी की गई है. वहीं, 1,77,751 ऐसे लोग मिले हैं जिन्होंने छह महीने से ज्यादा समय से राशन नहीं उठाया है.

अब सरकार इन सभी मामलों की जांच कर अपात्र लाभुकों के नाम राशन कार्ड की सूची से हटाने की कार्रवाई कर रही है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि मुफ्त और सब्सिडी वाला अनाज वास्तव में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे.